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क्लास बंक करने वालों से नहीं नरमी

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले के तहत व्यवस्था दी कि कक्षाओं से गायब रहने वाले छात्रों के प्रति सहानुभूति नहीं बरती जाएगी। हाईकोर्ट ने ऐसे छात्रों के प्रति सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि कक्षाओं से गैरहाजिर रहने वाले छात्रों को परीक्षाओं में शामिल होने की इजाजत देने से शैक्षणिक अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती है। लिहाजा ऐसे छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देकर अन्य छात्रों को सबक दिया जा सकता है।

जस्टिस कैलाश गंभीर की पीठ ने जामिया मिलिया इस्लामिया में पत्रकारिता के तीन छात्रों की याचिका नामंजूर कर दिया है। पीठ ने कहा है कि इन छात्रों की परीक्षा में बैठने के लिए निर्धारित हाजिरी से कम थी। छात्रों ने पीठ से अनुरोध किया था कि उनके मेडिकल प्रमाणपत्रों के आधार पर उन्हें छूट दी जाए और परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी जाए।

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