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मेट्रो के तीसरे चरण में नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल

दिल्ली मेट्रो अपने विस्तार के तीसरे चरण को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए नवीनतम अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करेगी। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल ने कहा कि तीसरे चरण के निर्माण में नवीनतम अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य में कम-से-कम समय लगे और लोगों को भी कम-से-कम असुविधा हो।

नवीनतम अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के तौर पर ऊपरगामी मेट्रो लाइन के निर्माण के लिए जहां उपयुक्त हो, 25 मीटर लम्बे शहतीरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन शहतीरों का निर्माण किसी अन्य स्थान पर किया जाएगा और मेट्रो लाइन निर्माण स्थल पर ट्रेलर पर लाकर पायों पर लगा दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में कम समय लगेगा और लोगों को भी कम असुविधा होगी।

पहले शहतीर बनाने के लिए छोटे-छोटे खंडों का इस्तेमाल किया जाता था और सभी को एक साथ जोड़ दिया जाता था। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो के एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के निर्माण में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो चुका है। इसी को अब तीसरे चरण में भी अपनाया जाएगा।

दिल्ली मेट्रो के तीसरे चरण का निर्माण 2016 तक पूरा होना है। इस चरण में जहांगीरपुरी-बादली, केंद्रीय सचिवालय-कश्मीरी गेट, मुकुंदपुर-यमुना विहार और जनकपुरी पश्चिम-कालिंदी कुंज खंड पर मेट्रो का विस्तार किया जाना है।

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  • Web Title:मेट्रो के तीसरे चरण में नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल