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खांडू का अभी तक सुराग नहीं

खांडू का अभी तक सुराग नहीं

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और चार अन्य लोगों को लेकर उड़ान भरने के बाद लापता हुए हेलीकॉप्टर की तलाश आज दूसरे दिन भी बेनतीजा रही, जबकि खराब मौसम के कारण सुखोई युद्धक विमानों, अनेक हेलीकाप्टरों और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए चलाए जा रहे तलाश के मैदानी और हवाई अभियान में बाधा आई।

लापता हेलिकाप्टर को ढूंढ निकालने के लिए बरेली से भारतीय वायुसेना के दो सुखोई विमानों ने हवाई सर्वेक्षण किया। एम आई 17 हेलिकाप्टर ने दो बार उड़ान भरी लेकिन खराब मौसम के कारण आज उन्हें वापस लौटना पड़ा। तेजपुर में सेना की चौथी कोर के प्रवक्ता कर्नल एन एन जोशी ने फोन पर बताया कि दो सुखोई विमानों ने उड़ान भरी। हम उनकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। दोपहर तक मौसम खराब था। लेकिन एक बजे के बाद यह थोड़ा ठीक हुआ।

कर्नल जोशी ने बताया कि सेना के 25 से 30 गश्ती दल खोजबीन अभियान में शामिल हैं। अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी चौकस हैं। कह नहीं सकते कि भूटान सेना क्या कर रही है।

इससे पूर्व, रक्षा प्रवक्ता विंग कमांडर रंजीव साहू ने शिलांग में कहा था कि भारतीय वायुसेना के एमआई 17 हेलिकाप्टर ने लापता हेलिकाप्टर को तलाश करने का प्रयास किया लेकिन खराब मौसम के कारण उसे लौटना पड़ा। साहू ने बताया कि त्वांग से इस हेलिकाप्टर ने त्वांग-इटानगर मार्ग के अलावा भूटान के इलाकों में भी खोजबीन की।

उन्होंने साथ ही बताया कि तेजपुर में दो चीता हेलिकाप्टरों और गुवाहाटी में एक एमआई 17 को तैयार रखा गया है जो मौसम के कारण उड़ान नहीं भर सके।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि भारत-भूटान सीमा पर त्वांग और तेंगा से भारतीय सेना के 2400 जवान जमीन पर खोजबीन अभियान में लगे हैं। इस अभियान में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के 25 जवानों को भी लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों से रविवार सुबह साढ़े पांच बजे तलाशी अभियान शुरू किया जाना था लेकिन खराब मौसम के चलते इस काम में तीन घंटे से अधिक देरी हो गई।

सूत्रों ने कहा कि पड़ोसी देश भूटान की तरफ से भी वहां सात जिलों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि तलाशी अभियान पर नजर रखने के लिए केंद्रीय मंत्री मुकुल वासनिक तथा वी नारायणसामी नई दिल्ली से इटानगर के लिए रवाना हो गए हैं।

चार सीटों तथा एकल इंजन वाला पवन हंस हेलीकॉप्टर एएस बी350 बी3 कल सुबह नौ बजकर 56 मिनट पर तवांग से उड़ान भरने के 20 मिनट बाद लापता हो गया था। इस पर खांडू के साथ ही चालक दल के सदस्य कैप्टन जेएस बब्बर, कैप्टन टीएस मामिक, खांडू के सुरक्षा अधिकारी येशी चोडाक तथा तवांग के विधायक सेवांग धोनदुप की बहन येशी लहामु सवार थे।

हेलीकॉप्टर को पूर्वाहन करीब साढ़े ग्यारह बजे इटानगर में उतरना था। गुवाहाटी वायु यातायात नियंत्रण ने कथित तौर पर सेला दर्रा इलाके के पास से हेलीकॉप्टर के अंतिम रेडियो संदेश प्राप्त किये। यह अंतिम संदेश हेलीकॉप्टर के तवांग से उड़ान भरने के 20 मिनट बाद प्राप्त हुआ था। सेला दर्रा समुद्र के स्तर से करीब 13750 फुट की उंचाई पर स्थित है जहां मौसम मिनटों के भीतर तेजी से बदल जाता है।

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