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लेफ्ट हैंडर्स होते हैं डर से ज्यादा प्रभावित

कई लोगों को यह अजीब लग सकता है लेकिन एक नए अध्ययन के मुताबिक बाएं हाथ से काम करने वाले दाहिने हाथ से काम करने वालों की तुलना में डर से अधिक प्रभावित होते हैं।

मनोचिकित्सकों ने पाया कि डरावनी फिल्म की आठ मिनट की क्लिपिंग देखने के बाद बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों में पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस से संबंधित लक्षण दाहिने हाथ से काम करने वालों की तुलना में ज्यादा दिखाई देते हैं।

फिल्म के उस हिस्से को फिर से याद करने का कहने पर दाहिने हाथ से काम करने वालों की तुलना में बाएं हाथ से काम करने वालों ने अधिक दोहराव के साथ ज्यादा खंडों को याद किया।

मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक यह प्रभाव पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिस्‍आर्डर से जूझने वालों में सामान्य है। शोधकर्ताओं को विश्वास है कि इस निष्कर्ष से पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस और मस्तिष्क के डर से सामना करने के बारे में कुछ नया पता चल सकता है।

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार अध्ययन के अगुवा कैरोलाइन चौधरी ने कहा कि बांए हाथ से काम करने वालों में पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिस्‍आर्डर की व्यापकता दाहिने हाथ से काम करने वालों की तुलना में लगभग दोगुनी होती है।

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