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समय पर पूरे नहीं बन पाएंगे एसएच

राज्य सरकार के लगातार हनक के बावजूद सूबे के स्टेट हाइवे का निर्माण समय पर पूरा नहीं होगा। फरवरी तक किसी भी सूरत में 1851 किमी. स्टेट हाइवे नहीं बन पायेंगी। स्टेट हाइवे बना रही केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) पर पथ निर्माण मंत्री प्रम कुमार की हनक का थोड़ा असर पड़ा भी है पर इरकॉन की गति धीमी है। 17 महीने में सीपीडब्ल्यूडी ने 40 फीसदी स्टेट हाइवे का निर्माण किया है। जबकि अब तक इरकॉन मात्र 30 फीसदी सड़क ही बना पाया है। अगले दो महीने में इन दोनों एजेंसियों को 60 से 70 फीसदी सड़क का निर्माण करना है।ड्ढr ड्ढr इस मंथर निर्माण गति से खफा पथ निर्माण मंत्री प्रम कुमार ने दोनों एजेंसियों को जून 200तक आवंटित सभी 1851 किमी. स्टेट हाइवे का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दिसम्बर 200े पहले स्टेट हाइवे का निर्माण पूरा होता नहीं दिख रहा है। श्री कुमार ने काम की गति बढ़ाने के लिए कार्यपद्धति में बदलाव लाते हुए वरीय अधिकारियों को कार्य स्थल पर खुद उपस्थित होकर मानीटरिंग करने का निर्देश दिया है। उनका मानना है कि इससे गुणवता में सुधार होगा। दरअसल छह महीने पहले केन्द्रीय एजेंसियां सूबे में सड़क निर्माण से ही कतराने लगी थीं। सीपीडब्ल्यूडी के स्थानीय चीफ इंजीनियर सूबे के पथ निर्माण मंत्री के साथ निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण करने से मुकर गये थे। आजिज आकर पथ निर्माण मंत्री प्रम कुमार को संवाददाताओं से कहना पड़ा था कि अब तो केन्द्रीय एजेंसी के कर्ता-धर्ता भी अपनी जिम्मेवारी से भागने लगे हैं। केन्द्रीय एजेंसियों ने निर्माणाधीन सड़क को मोटरबुल बनाने से यह कहकर इंकार कर दिया है कि यह उनके इस्टीमेट में नहीं है। इससे परशान पथ निर्माण विभाग ने निर्माणाधीन सभी एसएच को अपने खर्चे से मोटरबुल बनाने का निर्णय लिया था।

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