DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

5 दर्जन बैंकों ने नहीं दिए कर्चा

जिले के दो दर्जन राष्ट्रीयकृत बैंकों ने चालू वित्तीय वर्ष में ऋण वितरण का खाता तक नहीं खोला है। उत्तर बिहार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की ढाई दर्जन से अधिक शाखाओं की उपलब्धि भी नगण्य है जबकि100 से ज्यादा शाखाओं ने लक्ष्य का 25 फीसदी ऋण भी नहीं बांटा है। जिले में इस वर्ष वार्षिक साख योजना के तहत उपलब्धि 55 फीसदी के आसपास अटकी है। इससे नाराज डीडीसी मो. नईम अख्तर ने पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ोदा, यूको बैंक, यूनियन बैंक, यूनाईटेड बैंक, के नरा बैंक, स्टेट बैंक व सेंट्रल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक तथा ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर हालत पर नाराजगी जताई है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने राज्य सरकार को भी बैंकों की उपलब्धि से अवगत कराया है। उधर, अग्रणी जिला प्रबंधक आरबी शाही ने भी बैंकों के असहयोगात्मक रवैये को लेकर बैंकों के आलाधिकारियों को पत्र लिखा है। साथ ही शेष बचे तीन माह में ही शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का अनुरोध किया है। अबतक बैंक ऑफ बड़ोदा की मुहम्मदपुर बल्ली, पहाड़पुर एवं अहियापुर, केनरा बैंक की सरैया, यूनाईटेड बैंक की पुरुषोत्तमपुर, यूनियन बैंक की गंगीया, यूको बैंक की विद्याझांप, स्टेट बैंक की चक्कर, औराई व रूपौली, इलाहाबाद बैंक की बनघारा व माधोपुर सुस्ता, पीएनबी की खबड़ा, परसौनीनाथ, कमलपुरा, बथनाहा व नरियार, सेंट्रल बैंक की सिहो, अमनौर, मोतीपुर, साहेबगंज व भगवानपुर शाखा द्वारा कोई ऋण नहीं बांटा गया है। ग्रामीण बैंक की झपहां, अहियापुर, शहबाजपुर, मुतुलुपुर, बंदरा, सकरा, अलेनेउरा, पानापुर, टेंगरारी, कमरथू, केरमा, बाघी, पदमौल, कमतौल, छाजन, हरिशंकर मनियारी, पोखरैरा, देवरिया, सरमस्तपुर, कथैयो बरूराज, बिरिहिमा बाजार, मनाई, साहेबगंज, सरैया, बेरईकटरा, चिंउटा औराई, बड़कागांव, मड़वन व हरदी की शाखा से भी किसी को ऋण नहीं मिला है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: 5 दर्जन बैंकों ने नहीं दिए कर्चा