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लखवी को भारत के हवाले करे पाक : यूएस

मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के मुख्य षडयंत्रकर्ता जकी उर रहमान लखवी को भारत को सौंपे जाने का पाकिस्तान पर अमेरिका दबाव बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान के समाचार पत्र (द डान) ने अमेरिकी और राजनयिक सूत्रों के हवाले से बुधवार को लिखा है कि अमेरिका ने पाकिस्तान को एक टेप दिया है, जिसमें कथित रूप से मुंबई में आतंकवादी हमला करने में शामिल आतंकियों और लखवी की बातचीत है। अमेरिकी आडियो विशेषज्ञों ने टेप के आवाज की जांच कर इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि टेप असली है और इसमें दर्ज आवाज लखवी की ही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमेरिका ने यह बातचीत अपने स्वयं के सर्विलांस उपायों के जरिए रिकार्ड की अथवा यह उसे भारत ने सौंपा जो शुरू से ही यह दावा कर रहा है कि इस हमले का षडयंत्र आतंकवादी लखवी ने ही रचा। अखबार के मुताबिक मुम्बई हमलों के कुछ दिनों बाद ही भारतीय अधिकारियों ने राजधानी नई दिल्ली में मुम्बई हमलों के कुछ दिनों बाद ही आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनका मानना है कि मुंबई हमले की पूरी योजना लखवी और यूसुफ मुजमिल ने बनाई थी। अधिकारियों ने कहा कि लखवी और मुजमिल दोनों आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकवादी हैं, जिसने जिसका पूर्व में भारत में हुए कई आतंकवादी हमलों में भी हाथ रहा है। लेकिन पाकिस्तान भारतीय अधिकारियों के सभी दावों को अब तक सिरे से खारिज करता रहा है। यहां तक कि मुंबई में पकड़े गए अजमल आमिर कसाब को पाकिस्तानी नागरिक मानने से भी इनकार करता रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को यह टेप सौंपे जाने का असर हुआ है। पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार महमूद अली दुर्रानी के बयान को भी अमेरिकी दबाव के असर के रूप में ही देखा जा रहा है। दुर्रानी को कहना पड़ा था कि हो सकता है कि कसाब पाकिस्तानी हो। यह बयान कसाब को लेकर पाकिस्तान के सरकारी रुख में यह एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों ने गत आठ दिसम्बर को पाकिस्तानी मीडिया को बताया कि उन्होंने लखवी और उसके कुछ शीर्ष सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मामले पाकिस्तान में ही चलाए जाएंगे और उन्हें भारत को नहीं सौंपा जाएगा। हालांकि इसके बाद अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों ने कहा कि उन्हें तब तक संतुष्टि नहीं होगी, जब तक कि पाकिस्तान गिरफ्तार आतंकियों के खिलाफ सजा देने के साथ ही उन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता जो भारत में हुए विभिन्न आतंकवादी हमलों में शामिल रहे हैं। बाद में भारत ने पाकिस्तान से लखवी समेत कम से कम दो अन्य हमले के संदिग्धों को उसे सौंपने का आग्रह किया। इस समय तक अमेरिका ने इस मामले पर स्पष्ट रुख नहीं बनाया था लेकिन लखवी का हमलावरों के साथ बातचीत का टेप सामने आने के बाद उसका रुख बदल गया। सूत्रों का अब कहना है कि अमेरिका अब पाकिस्तान पर लखवी को भारत को सौंपने का दबाव बना रहा है। वहीं अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित समाचारों के अनुसार लखवी भी उसी क्षेत्र का निवासी है जहां का मुंबई हमलों में शामिल दस आतंकवादियों में से एकमात्र गिरफ्तार आतंकवादी मोहम्मद अजमल कसाब रहने वाला है। हालांकि पाकिस्तानी अधिकारी अमेरिकी तथा ब्रिटिश गुप्तचर एजेंसियों द्वारा लखवी के मुंबई हमले में शामिल होने संबंधी सबूतों को मानने को तैयार नहीं हैं। पाकिस्तान को सौंपे गए टेप में लखवी को कथित रूप से मुम्बई हमलों के दौरान ताज होटल में छुपे आतंकवादियों से मोबाइल से बातचीत करते दिखाया गया है। पाक अधिकारियों का कहना है कि कसाब का कबूलनामा तथा अन्य सबूत पाकिस्तानी अदालत में मान्य नहीं होंगे। अधिकारियों के अनुसार भारत ने यह कबूलनामा अत्यधिक दबाव डालकर हासिल किया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि उसे सौंपी गई सूचनाएं अदालत में आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साबित नहीं होंगी।

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  • Web Title: लखवी को भारत के हवाले करे पाक : यूएस