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12 से हड़ताल पर जाने की घोषणा

राज्यकर्मियों की हड़ताल के साथ सुर मिलाते हुए सूबे के इंजीनियरों ने भी 12 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। जल संसाधन, पथ निर्माण, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य , पीएचईडी और नगर विकास व आवास विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर तक करीब 4000 इंजीनियर हड़ताल में शामिल होंगे।ड्ढr ड्ढr इसके पूर्व वे सरकार को चेतावनी देने के लिए 7 जनवरी को राज्यस्तरीय धरना और जनवरी को राज्यस्तरीय प्रदर्शन करंगे। राज्य सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते बिहार अभियंत्रण सेवा (बेसा) संघ ने कहा है कि शनिवार को सूबे के अन्य इंजीनियरों संघों की आपात बैठक बुलायी गई है। इसमें आगे की रणनीति बनाते हुए उनसे भी हड़ताल में जाने का आग्रह किया जाएगा। अगर सहमति बनी तो 12 जनवरी से राज्य के करीब 20 हजार इंजीनियर हड़ताल में शामिल हो जाएंगे।ड्ढr ड्ढr संवाददाता सम्मेलन में बेसा के महासचिव राजेश्वर मिश्र ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी चुनावी मेनिफेस्टों की धज्जी उड़ाते हुए डाक्टरों को तो 8000-13500 का वेतनमान स्वीकृत कर लिया पर इंजीनियरों को यह वेतनमान देने में आनाकानी कर रही है। यहीं नहीं छठे केन्द्रीय वेतन पुनरीक्षण समिति की अनुशंसाओं के आलोक में राज्य सरकार ने जिन वेतनमान की स्वीकृति दी है उसके अनुसार राज्य के असिस्टेंट इंजीनियरों का वेतनमान अब केन्द्र सरकार के जूनियर इंजीनियरों के वेतनमान के बराबर हो गया है। पिछली सरकार से अलग सरकार का दावा करने वाली मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुशासन सरकार भी पहले की ही तरह इंजीनियरों का एरियर डकारने पर लगी हुई है। उसने बिहार अभियंत्रण सेवा को अब तक ग्रुप ‘ए’ सेवा नहीं माना है। केन्द्र के वेतनमान के अनुरूप वेतनमान की स्वीकृति नहीं दी है। सभी कार्य विभागों के शीर्ष पदों पर इंजीनियरों का पदस्थापन नहीं किया है। न ही राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति का गठन किया गया है।

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