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भूस्वामित्व प्रमाणपत्र फचर्ाी बनाने पर पांच लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी

भूस्वामित्व प्रमाणपत्र फर्ाी करार देने के बाद पांच लोगों के खिलाफ जानीपुर थाने में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। मुकदमा का निर्देश सीओ ने दिया। इससे बैंक, अंचल सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। इधर पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए पैसा वसूली के लिए फर्ाी प्रमाणपत्र धारकों को आवेदन भेजा है। साथ ही बैंक ने सभी भूस्वामित्व प्रमाणपत्रों की जांच शुरू क र दी है। मालूम हो कि शुक्रवार को ‘हिन्दुस्तान’ अखबार द्वारा ‘भूस्वामित्व प्रमाण पत्र फर्ाी निकले’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसे बैंक ने गंभीरता से लिया है। इधर पंजाब नेशनल बैंक शाखा प्रबंधक सुनील कु मार ने बताया कि राम केवल सिंह द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से जुलाई 2007 में 3 लाख रुपये का लोन िलया था। लगभग डेढ़ वर्ष गुजर जाने के बाद अबतक उनके द्वारा एक भी किस्त बैंक में जमा नहीं की गयी है, जबकि ब्याज मिलाकर उनकी राशि लगभग साढ़े तीन लाख रुपये हो चुका है। इसी प्रकार गजेन्द्र शर्मा द्वार मई 2007 में ट्रैक्टर के लिए 3 लाख रुपये लोन लिये गये थे। अब तक कोई राशि बैंक को भुगतान नहीं किया गया है। कामेश्वर महतो द्वारा सितम्बर 2006 में 3 लाख रुपया ट्रैक्टर एवं एक लाख रुपया खेती के लिए लोन लिया गया है। जयराम महतो द्वारा 3 लाख रुपया ट्रैक्टर के लिए लोन लिया गया है, जबकि ओम प्रकाश को कोई लोन नहीं दी गयी है। बैंक प्रबंधक ने बताया कि भूस्वामित्व प्रमाण पत्र फर्ाी की जानकारी वे मुख्य कार्यालय को भेज रहे हैं। मुख्य कार्यालय के दिशा-निर्देश के बाद ही ओग की कार्रवाई की जायेगी। बहरहाल भूस्वामित्व प्रमाण पत्र फर्ाी बनाने की गहन जांच की गयी तो इसमें एक बड़े रैकेट का पर्दाफास हो सकता है। यही भी जांच का विषय है कि कहीं इसमें दलालों का हाथ तो नहीं , जो मोटे रकम लेकर किसानों को इस तरह का प्रमाण पत्र निर्गत कर रहे हैं।

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  • Web Title: भूस्वामित्व प्रमाणपत्र फचर्ाी बनाने पर पांच लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी