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किलोनच्ची के बाद लिट्टे के अन्य गढ़ों पर हमला

श्रीलंका की सेना ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) विद्रोहियों के उत्तर क्षेत्र में स्थित ठिकानों पर शनिवार को हेलीकॉप्टरों से बमबारी की। सेना ने यह कार्रवाई लिट्टे के किलिनोच्चि मुख्यालय पर कब्जा करने के बाद की है। सेना ने पिछले वर्ष 25 वर्ष से जारी गृहयुद्ध को समाप्त करने तथा लिट्टे द्वारा कब्जा किए क्षेत्रों को फिर से अपने कब्जे में लेने के लिए उत्तर में स्थित बंदरगाह नगर मुल्लैतिवू और लिट्टे के अन्य गढों को निशाना बना रही है। सेना के एक सूत्र ने नाम न बताए जाने की शर्त पर बताया कि एमआई 24 हेलीकाप्टरों ने थलसेना की कार्रवाई में मदद के के लिए मुल्लैतिवू नगर से पश्चिम में स्थित विद्रोहियों के कब्जे वाले स्थानों को निशाना बनाया। सेना और विद्रोहियों के बीच ताजा संघर्ष में दोनों पक्षों के हताहतों की संख्या को अभी पता नहीं चल पाया है। वहीं लिट्टे समर्थक वेबसाइट तमिलनेट डॉट कॉम में भी कब्जे की पुष्टि करते हुए कहा गया है कि श्रीलंकाई सेना ने वानी में किलिनोच्चि पर कब्जा कर लिया है। वहां नागरिक ठिकानों और लिट्टे केंद्र तक सेना के पहुंचने से पहले ही पूर्वोत्तर की आेर स्थानान्तरित कर दिया गया था। लिट्टे के करीबी सूत्रों ने कहा है कि संघर्ष में हताहतों की संख्या कम से कम सुनिश्चित करने के लिए उसने आक्रामक की बजाय आत्म रक्षात्मक रणनीति अपनाई। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदया ननयाक्कारा ने कहा सैनिक किलिनोच्चि नगर में खोजी अभियान चला रहे हैं। वहीं राजधानी कोलंबो में शुक्रवार को नौसेना मुख्यालय के बाहर हुए आत्मघाती हमले के बाद पूरे देश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उल्लेखनीय है कि सेना ने शुक्रवार को उत्तर में स्थित लिट्टे के गढ़ माने जाने वाले किलिनोच्चि मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। लिट्टे के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है जो पिछले 25 वषर्ों से देश के उत्तर क्षेत्र में तमिलों के लिए अलग राष्ट्र की मांग को लेकर संघर्षरत हैं।

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  • Web Title: किलोनच्ची के बाद लिट्टे के अन्य गढ़ों पर हमला