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स्कूलों में रडियो प्रसारण शिक्षा फ्लॉप

राज्य के शिक्षा विभाग के काम करने की स्टाइल ही अनोखी है। कुछ योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रह गयी हैं। छात्रों को मजेदार ढंग से पढ़ाने के लिए रडियो प्रसारण शिक्षा का सहारा लिया गया। एचआरडी के गंभीर प्रयास के बावजूद यह योजना धरती पकड़ने लगी है। विभागीय आंकड़ें को सही मानें, तो मात्र सात फीसदी स्कूलों में ही इसके माध्यम से पढ़ाई शुरू हो पायी है।मजेदार यह है कि 21 जिलों में अब तक यह योजना फाइलों में ही सिमट कर रह गयी है। धनबाद, गिरिडीह और देवघर ने इस दिशा में प्रयास जरूर किया है, लेकिन इनकी उपलब्धि भी बेहतर नहीं है। विभाग ने इस योजना के तहत 3ूलों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया था। नवंबर तक मात्र 2547 स्कूलों को ही जोड़ा जा सका। विभाग के कड़े तेवर के बावजूद जिलों के पदाधिकारियों की रुचि नहीं बढ़ रही है। दक्षिणी छोटनागपुर प्रमंडल में 11672 स्कूलों में से मात्र 2400 स्कूलों में यह व्यवस्था शुरू हो पायी। दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, कोल्हान और पलामू प्रमंडल ने इस दिशा में पहल ही नहीं की। दुमका प्रमंडल के एकमात्र जिला देवघर में 147 स्कूलों में यह व्यवस्था शुरू हो पायी है। शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने साफ कहा है कि योजना को धरातल पर नहीं उतारनेवाले अधिकारियों को चिह्न्ति किया जा रहा है। उन पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जायेगी।

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