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बंद स्कूल बना चरागाह, गटके लाखों

शिक्षा विभाग में अनोखा घोटाला प्रकाश में आया है। बंद स्कूल शिक्षक-पदाधिकारियों के लिए चरागाह बन गया। इसके नाम पर अब तक लाखों का घोटाला हो गया। स्कूल इंस्पेक्टर ने अपनी जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है।ड्ढr यह स्थिति जिले के शहरी क्षेत्र की है। सालों पहले बंद हो गये स्कूल के नाम पर पैसा निकलता रहा और अफसरों की जेबें भी गर्म होती रहीं। 2005 में शिक्षा गारंटी केंद्र दर्जी मुहल्ला का विलय हाथीखाना सेंटर में कर दिया गया। पारा टीचर को भी इसी सेंटर में भेज दिया गया। बावजूद इसके दर्जी मुहल्ला का खाता विभाग ने बंद नहीं किया। अगस्त 06 से फरवरी 0तक 46500 रुपये की निकासी हो गयी। सितंबर 07 में क्षीएस बेलदार मुहल्ला का समंजन उत्क्रमित प्राइमरी स्कूल कुरैशी मुहल्ला में हुआ। बेलदार मुहल्ला स्कूल के नाम पर अब तक 53300 की निकासी हो गयी। डोमटोली स्कूल का विलय प्राइमरी स्कूल फ्रेंड्स कंपाउंड डोरंडा में तो हुआ, लेकिन डोमटोली स्कूल से भी राशि निकलती रही। इन स्कूलों में विलय के बावजूद पारा टीचर दोनों जगह से राशि की निकासी करते रहे।ड्ढr रिपोर्ट देख अधिकारी दंग : स्कूल इंस्पेक्टर की जांच रिपोर्ट को देख अधिकारी दंग है। डीएसइ प्रदीप चौबे ने कहा-ाांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो गयी है। संबंधित सभी शिक्षकों से राशि की वसूली होगी। साथ ही अधिकारी भी नपेंगे। बंद विद्यालय में राशि कैसे पहुंची, इसकी भी जांच की जा रही है। साथ ही इसकी भी जांच हो रही है कि बीइइओ इस मामले में चुप्पी क्यों साधे रहे।

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