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खाद्य विभाग में दागी अफसरों को मिली मलाईदार कुर्सी

घटिया चावल अब तक निपटा नहीं, जाँच पूरी हुई नहीं लेकिन दागी अफसरों को मलाईदार तैनाती मिल गई। कारनामा खाद्य विभाग का है जहाँ हरदोई घोटाले के आरोपी अफसरों को बढ़िया तैनाती देकर नवाजा गया है। वो भी तब जबकि इसी घोटाले के कई आरोपी अधिकारी अभी तक निलंबित चल रहे हैं वहीं चहेते अफसर फिर से प्राइम तैनाती पाने में सफल हो गए हैं।ड्ढr हरदोई का लेवी चावल घोटाला यूँ तो पूर्ववती सपा सरकार में हुआ था लेकिन घोटाले के खिलाफ कार्रवाई मौजूदा बसपा सरकार में हुई। सौ से अधिक चावल मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश हुए और डेढ़ दर्जन विभागीय अधिकारी निलंबित हुए थे। लेकिन अब तो डिपो में तैनात तीन-चार लोगों को छोड़कर करीब सवा दर्जन अधिकारी न केवल बहाल हो चुके हैं बल्कि मलाईदार तैनाती पाने में सफल रहे हैं। यह हाल भी तब है जबकि विभाग के ही एक दलित अधिकारी सरयू प्रसाद को अपनी तैनाती के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा और अदालत के स्पष्ट आदेश के बाद भी आरएफसी स्तर के कोलकाता में तैनात इस अधिकारी को अभी तक यूपी में तैनाती नहीं मिल सकी है।ड्ढr विभागीय सूत्रों के अनुसार हरदोई में अभी भी अनिस्तारित घटिया चावल पड़ा हुआ है और इससे राय सरकार को प्रतिदिन 81 हजार रुपए की हानि हो रही है। लेकिन घोटाले के समय लखनऊ मण्डल के आरएमओ पद पर तैनात राधेश्याम मिश्र को ऐन धान खरीद के बीच मिर्जापुर में तैनाती दे दी गई है वो भी न केवल आरएमओ के पद पर बल्कि आरएफसी का भी चार्ज उनके पास रहेगा। आरएफसी पद का चार्ज उनको नियमित विभागीय आरएफसी को नजरअन्दाज कर दिया गया है। यहाँ तैनात बी.के. सिंह को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। श्री सिंह पिछले दिनों बैकलॉग भर्तियों में अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में रहे थे। हाल में वहाँ एक राइस मिलर द्वारा वित्त अधिकारी के साथ र्दुव्‍यवहार किए जाने की घटना को लेकर उन्हें हटाया गया है। श्री मिश्र की तरह ही हरदोई में घोटाले के दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी के पद पर रहे एस.एन. पाण्डे को भी रायबरली में तैनाती दी गई है। जबकि शेष एसएमआई और एमआई भी तैनाती पा चुके हैं।

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