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हेरोइन-ब्राउन शुगर की गिरफ्त में झारखंड

झारखंड के गांवों में ब्राउन शुगर, हेरोइन समेत 10 अरब रुपये के नशीले पदार्थ तैयार हैं। सिर्फ इसे अब दूसर राज्यों में बेचना बाकी है। झारखंड के उग्रवादग्रस्त इलाकों में निजी और वन विभाग की जमीन पर पोस्ता की खेती धड़ल्ले से हो रही है। यह चौंकाने वाला खुलासा किया है पोस्ते की अवैध खेती पर तैयार झारखंड के खुफिया विभाग की रिपोर्ट ने। रिपोर्ट के मुताबिक उग्रवादग्रस्त इलाकों में ब्राउन शुगर बनाने के लिए फै क्ट्री तक लगा दी गयी है। फैक्ट्री में लगनेवाली मशीन को आसानी से एक स्थान से दूसर स्थान तक ले जाया जा सकता है। हालत की गंभीरता को देखते हुए अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) ने इस पर नियंत्रण के लिए आइजी स्तर के एक अधिकारी को तैनात कर दिया है।ड्ढr पोस्ते की खेती का मुख्य आकर्षण है कम मेहनत में अथाह पैसा। पोस्ते से निकलने वाली अफीम के अलावा उसकी जड़, तना, डोडा सब कुछ नशीले पदार्थ तैयार करने के काम आता है। सितंबर-अक्तूबर माह में इसकी फसल लगायी जाती जो फरवरी-मार्च में तैयार हो जाती है।ड्ढr खूंटी, हजारीबाग जिले के चतरा जिले से सटे इलाके, चतरा के टंडवा, लावालौंग, प्रतापपुर, लातेहार के बालूमाथ, पांकी, मनिका, गणेशपुर, हारा, जमातू, झरी माटी, कारी, बसेरा, मकरा, सोती, गढ़वा और पलामू जिला के गांवों में इस वर्ष पोस्ते की खूब खेती हुई। किसानों ने इसके लिए अपनी जमीन के अलावा वन विभाग की जमीन का उपयोग भी किया। फसल की पैदावार से होनेवाले लाभ में वन अधिकारियों और नक्सलियों को भी हिस्सा दिया जाता है। कहीं-कहीं पुलिस भी इसमें हिस्सेदार है। नक्सलग्रस्त इलाका होने के कारण पुलिस भी पोस्ते की फसल नष्ट करने नहीं जाती। सीआइडी के अधिकारी इसे लेकर काफी चिंतित हैं। अगर यही स्थिति रही तो कुछ ही वर्षो में युवा पीढ़ी का बड़ा हिस्सा नशे की गिरफ्त में होगा।ड्ढr शराब में भी की जा रही मिलावट: शराब और हड़िया में पोस्ते की जड़ और डोडा मिलाया जा रहा है। इसका मकसद शराब और हड़िया को और नशीला बनाना है। यह शरीर के लिए खतरनाक है।ड्ढr सरकार ने क्या उपाय किये : झारखंड में मादक पदार्थो का उत्पादन औरइसका प्रयोग इतने भयावह स्तर पर पहुंच गया है कि इस पर नियंत्रण के लिए सरकार को एक कमेटी बनानी पड़ी। गत 22 अप्रैल को गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर कमेटी का गठन किया। इसके अध्यक्ष जिले के उपायुक्त होंगे। एसपी, सीआइडी व विशेष शाखा के प्रतिनिधि और वन एवं उत्पाद के अधिकारी इसके सदस्य होंगे।ड्ढr सूचना दें, हम नष्ट कर देंगे फसल : एडीाीपीड्ढr अपराध अनुसंधान विभाग के एडीजीपी गौरी शंकर रथ ने कहा कि अफीम की खेती या स्टॉक जिस इलाके में है, वहां के लोग सूचना दें, सीआइडी कार्रवाई करगी। सूचनादाता का नाम गुप्त रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग या सरकारी जमीन पर पोस्ते की खेती होगी, तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई होग ं

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