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झारखंड के लेक्चरर प्रोफेसर भी होंगे मालामाल

अन्य राज्यों की तरह झारखंड की यूनिवर्सिटी-कॉलेजों के लेक्चरर-प्रोफेसर भी जल्द मालामाल होनेवाले हैं। चड्ढा समिति की सिफारिशों के आधार पर यूजीसी द्वारा लागू नये वेतनमान के भुगतान की कवायद झारखंड में भी शुरू हो गयी है। यहां शिक्षा विभाग भी इसे जल्द लागू करने के लिए सहमत है।ड्ढr राज्य के उच्च शिक्षा निदेशालय ने इसकी फाइल तैयार कर ली है। इसे दो दिन में शिक्षा सचिव के पास भेज दिया जायेगा। मंत्री की सहमति के बाद वित्त विभाग के पास इसका प्रस्ताव भेजा जायेगा। इसके लागू होने से राज्य के 12 हाार से ज्यादा शिक्षक लाभान्वित होंगे। देश के सभी राज्यों ने यूजीसी के नये वेतनमान के प्रस्ताव को गंभीरता से लिया है। बिहार में इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एसे में झारखंड में भी इसके जल्द लागू होने की संभावना प्रबल हो गयी है।ड्ढr यूजीसी ने नये वेतनमान का ढांचा 2010 तक के लिए तैयार किया है। इसको लेकर भी सरकार चाहती है कि समय सीमा समाप्त होने से पहले इसे लागू किया जाये। यूजीसी ने शिक्षकों की तीन श्रेणी बनायी है। नया वेतनमान लागू होते ही लेक्चरर, रीडर के पद समाप्त हो जायेंगे। इसके बाद सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर के पद रह जायेंगे। साथ ही बिना पीएचडी किये प्रोफेसर पद पर नियुक्ित का प्रावधान समाप्त हो जायेगा।ड्ढr डिग्री कॉलेजों में भी प्रोफेसर के पद का सृजन होगा। सहायक प्रोफेसर का वेतनमान 15600-300 और एकेडेमिक ग्रेड के लिए छह हाार अतिरिक्त मिलेंगे। एसोसिएट प्रोफेसर को 37400-67000 के अतिरिक्त एकेडेमिक ग्रेड के लिए नौ हाार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यूजीसी का नया वेतनमान 1.1.2006 से प्रभावी होगा।

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