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इंदिरा आवास: अब तक सिर्फ 47 फीसदी घर ही बने

ईंट की अनुपलब्धता से इंदिरा आवास का निर्माण कार्य पिछड़ गया है। ऐसा मानना है जिला प्रशासन का। जिलाधिकारी ने जल्द ही सस्ती दरों पर ईंट उपलब्ध कराने के लिए भट्ठा मालिकों के साथ एक बैठक करने का आश्वासन दिया है। वर्ष 2008-200े लिए जारी भौतिक प्रतिवेदन में जिला प्रशासन की ओर से जो आंकड़े पेश किए गए हैं, उसके अनुसार उपलब्धि मात्र 47 फीसदी है।ड्ढr ड्ढr चालू वित्तीय वर्ष में जिले के कुल मकानों का निर्माण होना था, लेकिन मात्र 4467 मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो पाया। जबकि 1576 मकानों में शौचालयों का निर्माण हो पाया है। सबसे ज्यादा इंदिरा आवास पंडारक प्रखंड में बनाए गए हैं, यहांीसदी से ज्यादा मकानों का निर्माण हुआ है, जबकि मनेर में 85 फीसदी मकानों का निर्माण हुआ है। सबसे कम मकान फतुहा प्रखंड में बने हैं, यहां मात्रसाढ़े ग्याहर फीसदी मकानों का निर्माण कार्य पूरा हुआ है, जबकि फुलवारीशरीफ में यह आंकड़ा मात्र 16 फीसदी है। पछले दिनों जिला निगरानी एवं सतकर्ता समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने बाताया कि ईंट की कीमतों में वृद्धि और बरसात के कारण काम बंद रहा जिसके कारण मकानों के निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए सस्ती दर पर ईंट सप्लाई के लिए भट्ठा मालिकों से जल्द ही बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि जसे ही ईंट उपलब्ध हो जाएंगे इस कार्य में तेजी आएगी। मदद का झांसा देकर ले भागा रुपयेड्ढr पटना (हि.प्र.)। मदद का झांसा देकर एक व्यक्ित वृद्ध महिला उर्मिला देवी का 500 रुपये ले भागा। यह घटना सोमवार को दोपहर 12 बजे पटना जंक्शन के टिकट काउंटर हॉल में हुई। हॉल में खड़ी महिला से एक व्यक्ित ने पूछा कि चाची कहां जाना है। महिला ने बताया कि साहेबगंज। इसके बाद व्यक्ित ने अपना प्लास्टिक का नया झोला महिला को पकड़ाते हुए कहा कि चाची आप यही रुकें हम टिकट कटा कर लाते हैं। महिला को बताया कि उसे भी साहेबगंज जाना है। महिला ने 500 रुपये का नोट उसे दे दिया। पैसा लेकर वह व्यक्ित फरार हो गया।ड्ढr ड्ढr दो घंटे तक महिला ने उस व्यक्ित का वहीं इंतजार किया। इसके बाद वह समझ गई कि मदद का झांसा देकर कोई उसके साथ छल किया है। महिला डिप्टी एसएस कक्ष में पहुंचीं और घटना सुनाई। महिला को व्यक्ित ने जो झोला रखने को दिया था उसमें पुराना अखबार भरा हुआ था। अखबार को एक सफेद रंग की चादर से ढक दिया गया था। महिला के पास अब एक रुपया भी नहीं बचा था। महिला के पति अवकाश प्राप्त रलकर्मी हैं। महिला को रल थाना जाने की सलाह दी गई।

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