अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हड़ताल टालने की पहल: कर्मियों को बढ़े वेतन का वैचारिक लाभ

राज्य सरकार ने हड़ताल के फैसले पर अड़े कर्मचारियों को मनाने की एक और कोशिश की है। उसने पहले घोषित दो वेतनमानों के ग्रेड पे में सुधार किया है और 01.01.06 से कर्मचारियों को बढ़े वेतन का वैचारिक लाभ (नोशनल) देने की घोषणा की है। साथ ही सरकार ने शिक्षकों, इांीनियरों और नर्सो आदि के लिए केन्द्र के अनुरूप वेतनमान देने का एलान किया है। सरकार ने उम्मीद की है कि अब कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जाएंगे।ड्ढr ड्ढr उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में दोनों घोषणाएं की। उन्होंने बताया कि कर्मचारी संगठनों की मांगों पर विचार करते हुए अपुनरीक्षित वेतनमान 5000-8000 और 5500-000 पर दिए जाने वाले ग्रेड पे को बढ़ाकर 4200 रुपये कर दिया गया है। पहले इन दोनों वेतनमानों के लिए ग्रेड पे 3200 और 3600 रु. घोषित किए गए थे। मोदी ने बताया कि अब कर्मियों को छठे वेतन आयोग का वैचारिक लाभ 01.01.2006 से और आर्थिक लाभ 01.04.2007 से मिलेगा। इससे कर्मचारियों को इंक्रीमेंट और प्रमोशन का लाभ मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पूर्व सरकार द्वारा पिछले वेतन पुनरीक्षण के समय निर्धारित सिद्धांत के अनुरूप है।ड्ढr ड्ढr उस समय भी वेतन पुनरीक्षण का वैचारिक लाभ 01.01.1से और आर्थिक लाभ 01.04 1से दिया गया था। उन्होंने कर्मचारी संगठनों से अपील की है कि वे अपनी समस्याएं वेतन समिति के समक्ष रखें, समिति विचार करके रिपोर्ट जल्द से जल्द देगी। उन्होंने वेतन समिति से अपील की है कि वह शिक्षकों, इांीनियरों और नर्सो आदि के मामले में रिपोर्ट जल्दी दे ताकि इन कर्मियों के जनवरी का वेतन भुगतान लाभ के साथ किया जा सके। 01.01. 2006 से नोशनल लाभ देने की घोषणा से सरकार को एरियर पर 525 करोड़ रु अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा जबकि वेतन पर 425 करोड़ रुपया सालाना का अतिरिक्त भार पड़ेगा। ग्रेड पे में सुधार से 110 करोड़ रुपये सालाना का अतिरिक्त व्यय सरकार को सहना होगा।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: हड़ताल टालने की पहल: कर्मियों को बढ़े वेतन का वैचारिक लाभ