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वाह क्या व्यवस्था है, बस लिट्टी-चोखा की कसर है

इट्स वंडरफुल। क्या व्यवस्था है। क्या शहर है। क्या लोग हैं। जैसा सुना था वैसा नहीं है बिहार। इस राज्य के लोगों की मेजबानी देख सब अवाक है। देश के कई जगहों पर मैच खेले पर ऐसा कहीं देखा। ऐसा कहना है यहां आयोजित हो रहे वाइजॉग 70वीं सीनियर राष्ट्रीय टेबल टेनिस टूर्नामेंट में भाग लेने आए खिलाड़ियों और पदाधिकारियों का। इन सबों ने कहा कि यहां के संघ ने जो व्यवस्था की है वैसा कहीं नहीं होता है।ड्ढr ड्ढr खाना-खाने से लेकर रहने तक की सब व्यवस्था अद्भुत है। टूर्नामेंट हॉल अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं लेकिन उससे थोड़ा ही कम है। अचंत शरत कमल ने कहा कि मैं दूसरी बार यहां आया हूं पिछली बार मैं पटना की सैर नहीं कर पाया था पर इस बार जरूर घुमूंगा। महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने कहा कि यहां कोई भय नहीं है और न कोई भेदभाव। इन सबों का कहना है कि बिहारी इज गट्र। पंजाब से आए खिलाड़ियों का इरादा पटना साहिब घूमने का है। यह पूछे जाने पर कि क्या जो खाना मिल रहा है उससे आप संतुष्ट हैं? मेहमानों ने कहा, अर! कैसी बात आप कर रहे हैं। खिलाड़ियों को जो चाहिए वह सब मिल रहा है। हम काफी खुश हैं। बस हमें लिट्टी चोखा की चाहत महसूस हो रही है, जो अभी तक हमें नहीं परोसा गया है। वे कहते हैं कि इस बार इस लजीज बिहारी व्यंजन का मजा लेकर ही जाएंगे।

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