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सासन अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना संकट में

समूचे उत्तर भारत के राज्यों की बढ़ती बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए अनिल अंबानी के नियंत्रण वाली रिलायंस पावर की सासन में निर्माणाधीन 4000 मेगा वाट की अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना पर संकट के बादल घिरते नजर आ रहे हैं। दरअसल इस मेगा परियोजना में कोयले के आवंटन को लेकर सरकार के एक फैसले के चलते टाटा पावर और रिलायंस पावर आमने सामने आ गई हैं। टाटा पावर गुजरात में मुंद्रा में अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना को पूरा कर रही है। सूत्रों का कहना है कि सासन के लिए रिलायंस पावर को आवंटित कोयले के अतिरिक्त भंडार को रिलायंस पावर की ही मध्य प्रदेश में आ रही दूसरी पावर परियोजना के लिए इस्तेमाल किए जाने की अनुमति दिए जाने के सरकारी फैसले को टाटा पावर ने चुनौती दी है। टाटा पावर की तरफ से इस बाबत केन्द्रीय ऊरा मंत्री सुशील कुमार शिंदे को एक पत्र भी हाल ही में लिखा गया है। ध्यान रहे कि सासन से उत्तर प्रदेश को 500 मेगावाट, मध्य प्रदेश को 1500 मेगावाट, हरियाणा को 450 मेगावाट, दिल्ली को 450 मेगावाट, पंजाब को 600 मेगावाट और राजस्थान को 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होनी है। सासन परियोजना से आगामी 2011 तक बिजली का उत्पादन चालू होना है। जानकारों ने बताया कि सासन पावर मेगा पावर परियोजना की टेंडर शर्तो के अनुसार परियोजना के लिए आवंटित कोयले का इस्तेमाल केवल उसी परियोजना के लिए ही किया जा सकता है। आवंटित खदानों में अगर जरूरत से अधिक कोयले के भंडार उपलब्ध हैं तो वह कोल इंडिया लिमिटेड को मिलता है, जिसकी बिक्री कंपनी खुद करती है।

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