DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जहां दिन में आजाद कर दिए जाते कैदी

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की लालगोला जेल के कैदियों को दिन में आजाद कर दिया जाता है। प्रतिदिन सुबह छह बजे कैदियों को छोड़ दिया जाता है किंतु रात आठ बजे तक इन्हें जेल में आ जाना पड़ता है और रातभर इन्हें जेल में रहना पड़ता है। चूंकि दिन में कैदियों को बाहर जाने की आजादी रहती है, इसीलिए इस जेल को अब लालगोला मुक्त कारागार के नाम से जाना जाता है। राज्य के आई जी (ोल) वंशीधर शर्मा ने हिन्दुस्तान को एक खास मुलाकात में बताया कि लालगोला जेल में अभी 103 कैदी हैंँ। उनमें से अधिकतर रो सुबह जेल से बाहर निकलते हैं, काम करते हैं और रात को जेल लौट आते हैं। उन्हें कोई एस्कर्ट नहीँ दिया जाता पर किसी कैदी ने अभी तक जेल विभाग का विश्वास नहीं तोड़ा है। श्री शर्मा ने बताया कि हत्या जसे संगीन अपराध के अभियुक्तों के जीवन को बदलने, उनका रूपांतरण करने और मुख्य धारा से उन्हें जोड़ने के मकसद में लालगोला जेल ने काफी हद तक सफलता पाई है। कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी जेल विभाग के साथ सहयोग का हाथ बढ़ाया है। रामकृष्णमिशन ने लालगोला जेल के कई कैदियों के लिए रिक्शा वैन उपलब्ध कराया है तो अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से कई कैदियों ने जेल के बाहर दुकानों खोल ली हैं। जिन कैदियों को बाहर मजदूरी नहीं मिलती वे जेल के भीतर ही काम करते हैं और उसके लिए उन्हें 25 रुपए प्रतिदिन मजदूरी मिलती है। लालगोला जेल के कैदियों के अच्छे व्यवहार से खुश होकर जेल विभाग ने कई कैदियों को जेल में अपने परिवार के साथ रहने की अनुमति दी है। वंशीधर शर्मा ने बताया कि अभी लालगोला जेल में एसे 20 क्वार्टर हैं जहां 20 कैदी अपने परिवार के साथ रहते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: जहां दिन में आजाद कर दिए जाते कैदी