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एक बार भी नहीं घूमा कारखाने का पहिया

बिहटा के परव स्थित पीतल नगरी को आधुनिकता प्रदान करने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से बने पीतल कारखाने का पहिया छह माह बाद भी नहीं घूम पाया है। उल्लेखनीय है कि इस कारखाने का उद्घाटन नीतीश कुमार ने किया था।ड्ढr भारत सरकार द्वारा बनाए गए इस कारखाने से व्यवसायियों को उम्मीद थी कि जल्द ही उनके व्यवसाय का परचम राज्य ही नहीं देश-विदेश मंे लहराएगा, परंतु विद्युत विभाग द्वारा बिजली आपूर्ति की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की गयी। इसका नतीजा यह हुआ कि डेढ़ करोड़ की लागत से बने कारखाने का पहिया एक बार भी नहीं घूमा। बताया जाता है कि परव में छोटे-बड़े तीन सौ कारखाने हैं जिसमें हाारों हाथोंे को रोगार मिलता है, इससे प्रदेश के सभी नामचीन बाजारों मंे पीतल के बर्तन सस्ते दर पर उपलब्ध हो पाते हैं।ड्ढr पीतल नगरी मंे और सस्ते दर पर पीतल बर्तन बनाने की दिशा में बिजली विभाग का चक्कर लगाया व विधिवत कनेक्शन लिया लेकिन चंद दिनों में अधिकारियों की वजह से उनका व्यवसाय बर्बाद होने लगा। कारण स्पष्ट था कि पहलें उन्हंे बिजली बिल नहीं देना पड़ता था। अब दो-चार घंटे बिजली के लिए मोटी रकम विभाग को अदा करनी पड़ती थी। मजबूरन सभी ने एक-एक कर कनेक्शन कटवा लिए। सुविधा केंद्र के सचिव तुलसी प्रसाद, अध्यक्ष रामावतार प्रसाद, नवलेश प्रसाद, को-ऑडिनेटर जीवन प्रसाद की माने तो निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति की जाए तो सबका सपना पूरा हो जाता। इसके लिए उपनिदेशक से कई बार ये लोग मिले लेकिन उन्हंे सिर्फ आश्वासन ही मिला। यदि जल्द ही सरकार द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो परव की पहचान सिमट कर रह जायेगी।

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