अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सॉफ्ट स्टेट या ग्लोबल भौजाई

सचिन का जवाब नहीं चेन्नई में आयोजित रांी ट्राफी के सेमीफाइनल में सचिन तेंदुलकर ने अपने अद्वितीय प्रदर्शन से भारत को ऐतिहासिक विजय दिला कर एक बार फिर साबित कर दिया कि उनमें आज भी जान है। इस प्रदर्शन से उन्होंने भारतीयों को गौरवान्वित किया। सचिन जसा खिलाड़ी सदियों में पैदा होता है जो न केवल खुद का बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र का नाम रोशन करता है। युधिष्ठिर लाल कक्कड़, गुड़गांव युवा प्रधानमंत्री चाहिए भई! देखिए, अब जम्मू-कश्मीर में हुए विधानसभा चुनावों के बाद उमर अब्दुल्ला की ताजपोशी से एक बात तो तय मानी जा रही है कि अब वो दिन लद गए जब राजनीतिक पटल पर सत्ता के गलियारों में कुछ बुजुर्ग अनुभवी नेता ही झंडा फहराया करते थे। सचमुच, अब समय आ गया है कि जब सत्ता की बागडोर को जोशीले युवाओं के हाथों में सौंप पर वरिष्ठ नेताओं को अपने अनुभव का आशीर्वाद देना चाहिए। दरअसल, सच पूछिए तो आगामी लोकसभा चुनावों में यदि कांग्रेस राहुल गांधी को भावी प्रधानमंत्री पेश करती है तो कांग्रेस की दोबारा वापसी देश के युवा उद्धारकर्ता के रूप में होगी। आगामी लोकसभा चुनावों में युवा मतदाता अपनी अहमियत को जरूर समझेगा कि भारतीय राजनीतिक पटल पर उसकी भागीदारी का असर कितना सार्थक होता है। हां! अब समय आ गया है जब सभी युवा अपने जोश और विचारों का संकल्प कर ये निर्णय कर लें कि अब, हमें युवा प्रधानमंत्री चाहिए। अनूप आकाश वर्मा, जामिया, नई दिल्ली सावधि जमा को न छुए सरकार सरकार ने मंदी से लड़ने के लिए अनेक कारगर उपाय किए जिनमें बैंकों से लिए गए होम लोनों व कार लोनों पर ब्याज दरं घटना शामिल है। इससे जनता को राहत मिली है, भले ही एक निश्चित वर्ग को तथा सीमित मात्रा में ही सही। अब कहा जा रहा है कि सावधि जमाओं पर दी जानेवाली ब्याज दरं भी घटाई जाएंगी। यह एक दुखद खबर है। वरिष्ठ नागरिकों ने अपने फंड आदि का पैसा इन सावधि जमाओं में ही लगा रखा है और यदि इन जमाओं की ब्याज दरों से छेड़छाड़ की गई तो वरिष्ठ नागरिकों को रोटी के लाले पड़ जाएंगे। सरकार इन जमा राशियों पर भले ही ब्याज घटा दे लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के मामलों को छोड़कर। वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा करना भी सरकार की ही जिम्मेदारी है। इन्द्र सिंह धिगान, किंगवे कैम्प, दिल्ली हॉर्न है आपकी पहचान गाड़ी का हॉर्न, गाड़ी को चला रहे चालक के व्यक्ितत्व का आईना है। सरल, शांत, विनम्रशील वाहन चालक जरूरत पड़ने पर ही हॉर्न बजाएगा। सुबह-सुबह घरवाली से झगड़कर आए वाहन चालक या बीते हुए दिन की बॉस की डांट खाए तनावग्रस्त ड्राइवर अपनी झुंझलाहट को हॉर्न के माध्यम से पूर मार्ग पर प्रसारित करगा। राजेन्द्र कुमार सिंह, रोहिणी, दिल्ली

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सॉफ्ट स्टेट या ग्लोबल भौजाई