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जेसीएमयू की सभा में हड़ताल सफल बनाने का लिया संकल्प

द झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन ने बुधवार को सीसीएल मुख्यालय के समक्ष सभा की। मौजूद कामगारों ने हैदराबाद में पे रिवीजन पर श्रमिक संगठन और प्रबंधन के बीच हुई सहमति को खारिा कर दिया। उन्होंने 1से 21 जनवरी तक आहूत हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।ड्ढr महासचिव सनत मुखर्जी, उमेश सिंह, चुकंदर महतो, मोती ठाकुर, सुभाशीष चटर्ाी ने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कि यह निर्णायक घड़ी है। एकाुटता कायम रखते हुए हड़ताल को सफल बनाने पर ही मांगें पूरी होंगी। संगठन और प्रबंधन होश में आयेगा। इतिहास गवाह है कि हर समझौते के बाद कामगार पछताया है। इस बार इतिहास बदलने की जरूरत है। यह कामगारों के आगे रहने पर ही संभव है। प्रबंधन द्वारा जारी फिटमेंट चार्ट पर ही भरोसा करं। वर्ना छले जायेंगे। कामगारों के दबाव पर प्रबंधन 835बेसिक देने को तैयार हुआ। संगठनों ने तो मात्र प्रस्ताव स्वीकारा है। दबाव नहीं होने पर यह और कम होता। मौके पर राजकुमार सिंह, अजय प्रसाद, वायलेट कच्छप, अनिता एक्का, एसके रवि, नवीन झा, गौतम मांझी, एके मिश्र और सुरश टोप्पो मौजूद थे।ड्ढr एसइसीएल में बैठक आजड्ढr रांची। दस साल का वेतन समझौता, न्यूनतम बेसिक 27000 सहित अन्य मांगों की पक्षधर श्रमिक संगठनों की बैठक आठ जनवरी को एसइसीएल मुख्यालय में होगी। झारखंड से दी झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन और झारखंड कोलियरी श्रमिक यूनियन के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसमें बीसीसीएल, सीसीएल, इसीएल, डब्ल्यूसीएल, एनसीएल, सीएमपीडीआइ से करीब दो सौ प्रतिनिधि भाग लेंगे। मांगों को लेकर आहूत हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति तय की जायेगी।ड्ढr वेतन की खाई और बढ़ेगीड्ढr रांची। इंडियन नेशनल माइन वर्कर्स फेडरशन दुबे गुट के ललन चौबे ने कहा कि वर्तमान पे रिवीजन की सहमति से अधिकारी और कामगार के वेतन की खाई और बढ़ेगी। दस वर्ष का समझौता होने पर कैटेगरी वन का बेसिक अनुपातिक तौर पर 11100 रुपये होता। इसमें एसडीए और अटेंडेंस बोनस मिला कर कुल 1240पये मिलता। इसी तरह ए-1 का बेसिक 20182 रुपये होता। उन्हें 22562 रुपये मिलता। पांच साल के समझौता कर उन्हें क्रमश: 3063 और 5571 रुपये का घाटा कराया गया है।ड्ढr पिछली बार 1प्रतिशत बढ़ा थाड्ढr रांची। एनसीओइए के अपर महासचिव आरपी सिंह ने कहा कि सातवें वेतन समझौते में शुरुआती बेसिक में 68.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। सभी ग्रेड में इसी अनुरूप बढ़ोत्तरी होने की बात मान लेना भयंकर भूल है। क्योंकि इसमें वीडीए शामिल होता है। पिछले समझौते में औसतन 1ीसदी की वृद्धि हुई थी। कंपनी पर 23.61 प्रतिशत का बोझ पड़ा था। इस बार सभी को एमबीजी में 24 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। कंपनी पर करीब 40 प्रतिशत से अधिक का बोझ पड़ेगा।ड्ढr झांसे में नहीं आयें कामगारड्ढr रांची। सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के मंत्री एसएन सिंह ने कामगारों से झांसे में नहीं आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दस साल और बेसिक 27000 का सब्जबाग दिखा रहे हैं। ऐसे लोग कामगारों का वेतन कटवा सकते हैं। दिलाने की स्थिति में नहीं हैं।

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