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सिंगरौली में हिंसक हुआ आंदोलन

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बंधौरा गांव में एस्सार ग्रुप के प्रस्तावित ताप बिजली घर के विरोध का आंदोलन हिंसक रूप लेता जा रहा है। कारखाने का काम चालू कराने पहुंचे जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को आदिवासियों ने पथराव कर खदेड़ दिया। झडप मं कम स कम एक दर्जन पुलिस अधिकारी -कर्मचारी घायल हा गए । कुछ किसानां क भी घायल हान की सूचना है। पुलिस सूत्रां क अनुसार स्थिति का नियंत्रित करन क लिए अश्रु गैस छाडन क साथ ही हवा मं गालियां चलाना पडीं। स्थिति उस समय बिगड़ी जब विस्थापितां न उनक मकानां का हटान पहुंच प्रशासन क अमल पर पथराव शुरू कर दिया। सूत्रां न बताया कि पुलिस न हिंसा पर उतारू भीड का कब्ज मं करन क लिए पहल लाठीचार्ज किया। इसक बावजूद स्थिति नहीं सुधरन पर अश्रु गैस का सहारा लन क बाद हवा मं गालियां चलाना पडीं।एक दर्जन स अधिक पुलिस अधिकारी.कर्मचारी घायल हुए हैं। किसानां क भी घायल हान की सूचनाएं हैं। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इस बार मं कुछ भी बतान स कतरा रह हैं। सूत्रां का कहना है कि घायल किसान कानूनी कार्रवाई क डर स इलाज करान अस्पताल नहीं पहुंच हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि आदिवासियों और जिला प्रशासन के बीच टकराव की यह स्थिति एस्सार ग्रुप के प्रस्ताविक बिजली घर का रूका हुआ काम चालू कराने को लेकर हुआ। बिजली घर का काम 14 दिसंबर से बंद है। परियोजना के लिए लगभग 1250 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है। प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण का मुआवजा लगभग तीन लाख रू. एकड़ तय किया है। आदिवासी बारह लाख रू. एकड़ की मांग कर रहे हैं। मांग को लेकर बीस दिनों से आदिवासी धरने पर बैठे हुए हैं। रीवा के संभागायुक्त एस.के.वेद ने बताया कि अधिकारी आदिवासियों से बातचीत करने के लिए गए थे। आंदोलनकारियों ने अधिकारियों से चर्चा करने से इंकार कर दिया। सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एस्सार ग्रुप के लोग भी थे। अधिकारियों ने चर्चा किए बगैर ही बिजली घर के बंद पड़े काम को चालू कराने का प्रयास शुरू कर दिया, जिससे आदिवासी भड़क गए।

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