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माकपा ने छोड़ी बसपा से गठबंधन की आस

माकपा की सवर्ोच्च नीति निर्धारक केन्द्रीय समिति की गुरुवार से कोच्चि में शुरू हो रही तीन दिवसीय बैठक में आागामी लोकसभा आम चुनावों की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। उ.प्र. में बसपा से चुनाव पूर्व गठबंधन का विकल्प भले ही ठंडे बस्ते में है लेकिन दक्षिण भारत के तीन महत्वपूर्ण प्रदेशों- तमिलनाड़, आंध्र प्रदेश व कर्नाटक में माकपा तीसर विकल्प का तानाबाना तैयार कर चुकी है। मायावती के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन में बड़ी अड़चन यह भी है कि उन्हें वाम दलों की करीबी पार्टियां भावी प्रधानमंत्री के रुप में पेश करने की रणनीति से सहमत नहीं हैं। दूसरी बात यह भी है कि बसपा यूपी की सभी अस्सी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर चुकी है। पार्टी कर्नाटक में जेडीएस,तमिलनाडु में जयललिता व आंध््रा में टीडीपी के साथ गठबंधन का फैसला ले चुकी है। जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, उनमें देश की आर्थिक स्थिति, विश्वव्यापी आर्थिक मंदी का असर और महंगाई पर केन्द्र की घेराबंदी, गाजा पर क्षराइली हमलों के अलावा देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था व संसद द्वारा हाल ही में पारित राष्ट्रीय जांच एजेंसी व अवांछित गतिविधि निवारण विधेयक पर गंभीरता से विचार होगा।

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