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राज को सुप्रीम कोर्ट से राहतसुप्रीम कोर्ट से राहत

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया और उत्तर भरतीयों के लिए आतंका पर्याय बने राज ठाकर को सुप्रीम कोर्ट ने भारी राहत देते हुए उनके खिलाफ झारखंड कोर्ट से जारी गैरामानती वारंट पर रोक लगा दी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केाी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली बेंच ने बुधवार को राज ठाकर को यह राहत देते हुए उन्हें कोर्ट में व्यक्ितगत पेशी से भी छूट दे दी। राज ठाकर पर उत्तर भारतीयों (यूपी बिहार, उड़ीसा) के खिलाफ घृणा अभियान चलाने और मारपीट करने का आरोप है। ठाकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बिहार और झारखंड में दर्ज केसों को राज्यों से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि बिहार में उनके मुकदमे में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती। राज को 10 जनवरी को झारखंड कोर्ट में हाजिर होना था। इसस पहल याचिकाकर्ता स्वराज ठाकर उर्फ राज ठाकर की आर स अदालत मं मौजूद वरिष्ठ वकील उदय ललित न दलील दी कि ठाकर क खिलाफ बिहार और झारखंड मं सभी आठ मामल उन्हं प्रताड़ित करन की मंशा स दायर किये गये हैं और मामलां की सुनवाई इन राज्यां स बाहर हानी चाहिए। वहां उनकी सुरक्षा का लकर भी आशंका है। ज्ञात हो कि जमशेदपुर की अदालत न वकील हामिद राजा खान द्वारा दाखिल शिकायत पर ठाकर क खिलाफ वारंट जारी किये हैं, वहीं बिहार और झारखंड की सात अन्य अदालतां न भी उन्हं तलब किया है।ड्ढr जमशेदपुर की अदालत में सुनवाई 13 तक टली: एक अन्य खबर के मुताबिक जमशेदपुर की एक अदालत ने राज क खिलाफ सुनवाई 13 जनवरी तक टाल दी है। प्रथम श्रणी न्यायिक मजिस्ट्रट एक तिवारी की अदालत न झारखंड हाइकोर्ट के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। ड्ढr

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