अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सत्यम मसले पर पीएम को रेड्डी का खत

छोटे निवेशकों के अलावा सत्यम में कार्यरत करीब 53 हजार कर्मचारियों के हितों और विश्व में भारत में निवेश संबंधी छवि को बचाने की कवायद के तहत मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा है कि इस मामले में अंतिम फैसला केंद्र को ही लेना है। इधर केंद्र सरकार कह चुकी है कि वह सत्यम का अधिग्रहण नहीं करेगी। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने इस मसले को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि सत्यम पर कार्यवाही उसके क्षेत्राधिकार में नहीं आता, इसलिए यह केंद्र सरकार को निर्णय लेना है कि क्या करना है। रेड्डी ने पत्र में लिखा है कि फिलहाल सत्यम का कामकाज को चलाने के लिए सरकार इंफोसिस के प्रमुख नारायण मुर्ति, विप्रो के अजीम जी प्रेमजी तथा टीसीएस के एम रामादुरई की एक कमेटि गठित कर सकती है। उन्होंने कहा कि हमारी पहली चिंता कंपनी में कार्यरत 53 हजार कर्मचारियों का भाग्य है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा। इधर उद्योग व वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा है कि सरकार का सत्यम के अधिग्रहण का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को इस मामले में आगे आना चाहिए, सरकार को नहीं। सरकार सिर्फ नियामक मामलों को ही देखे तो बेहतर है। कमलनाथ ने कहा कि यह एकमात्र ऐसा मामला है और इससे निवेश के लिए भारत की वैश्विक छवि को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सत्यम मसले पर पीएम को रेड्डी का खत