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राजू की मुसीबतें और बढ़ीं, मेटास इंफ्रा के अध्यक्ष का इस्तीफा

देश की चौथी सबसे बडी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी सत्यम कम्प्यूटर सर्विसेज लिमिटेड के संस्थापक अध्यक्ष बी रामलिंगा राजू के कंपनी में वित्तीय अनियमितता की बात स्वीकार कर अपने पद से बुधवार को इस्तीफा देने के बाद मेटास इंफ्रा लिमिटेड के अध्यक्ष आर. सी. सिन्हा ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। श्री राजू भाइयों के स्वामित्व वाली मेटास इंफ्रा ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को भेजे अपने पत्र में कहा है कि श्री सिन्हा ने कंपनी के अध्यक्ष पद के साथ ही उसके निदेशक मंडल से भी इस्तीफा दे दिया है। एक राजू यह भी!ड्ढr लगभग एक दशक पहले एक राजू की गैर-वित्तीय बैंकिंग कंपनी जमाकर्ताओं के करीब 100 करोड़ रुपए के एक मामले में डिफॉल्टर पाई गई थी। इस कंपनी का नाम था नागाजरुन फाइनेंस और चेयरमैन थे के.एस. राजू। संयोगवश, उस समय के राजू भी हैदराबाद का ही प्रतिनिधित्व करते थे। दोनों ने ही कॉर्पोरट जगत को हिलाकर रख दिया। सेबी टीम पहुंची हैदराबादड्ढr देश के पूंजी बाजार की नियंत्रक संस्था भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सत्यम मामले की जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए अपनी टीम को हैदराबाद रवाना कर दिया है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार दक्षिणी क्षेत्र के लिए सेबी के जनरल मैनेजर ए. सुनील कुमार के नेतृत्व में यह टीम हैदराबाद पहुंच चुकी है और पूर केस की जांच जल्द शुरू कर देगी। सत्यम के अध्यक्ष रामलिंगा राजू द्वारा बुधवार को कंपनी की बैलेंस शीट में लाभ को बढ़ाचढ़ कर पेश किए जाने के आरोप के बाद सेबी ने जांच की बात कही थी। बीएसई से भी बाहरड्ढr बीएसई ने सत्यम कम्प्यूटर सर्विसेस लिमिटेड को बेंचमार्क सेंसेक्स से हटाने का फैसला किया है। शेयर बाजार के सूत्रों ने बताया कि 12 जनवरी से सत्यम के शेयर सेंसेक्स से हटा दिए जाएंगे। सत्यम के स्थान पर सन फार्मा के शेयर को शामिल किया जाएगा। निवेशक करंगे शिकायतड्ढr रािस्टर्ड एनजीओ, नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्मॉल इनवेस्टर्स ने सत्यम के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत करने की घोषणा की है। संगठन के मुताबिक शेयरहोल्डर्स और निवेशकों को धोखा दिए जाने की शिकायत ईओडी से की जाएगी। अमेरिका में केसड्ढr सत्यम कंप्यूटर के एडीआर के निवेशकर्ताओं ने स्थानीय अदालत में कंपनी के खिलाफ केस दायर किया है। निवेशकों का प्रतिनिधित्व करते हुए अमेरिकन लॉ फर्मो वियानले एंड वियानले एलएलपी और इजार्ड नोबल एलएलपी ने सत्यम पर झूठी वित्तीय घोषणा के द्वारा फेडरल सिक्योरिटीा कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इजार्ड का तरफ से न्यूयॉर्क की एक जिला अदालत में जबकि विनाले की ओर से मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में केस दायर किया गया है। सांसत में प्राइस वाटर हाउसड्ढr सत्यम कंप्यूटर्स की घोटाला भंवर में फंसी में ग्लोबल ऑडिट फर्म प्राइसवाटर हाउस कूपर्स ने कानूनी दांव खेलते हुये खुद को लगभग बचा लेने की कवायद शुरू कर दी है। अभी तक इस मामले में चुप्पी साधे ऑडिट फर्म ने पहली बार मुंह खोलते हुये कहा है कि ऑडिट पूरी तरह से मानकों के अनुरूप रहा है। दरअसल ऑडिट के समय कंपनी प्रशासन ने हर मामले के लिए अपनी ओर से उसके साक्ष्य भी पेश किये। इसी आधार पर ऑडिट किया गया। दूसरी ओर कंपनी को आपसी गोपनीयता के अनुबंध के नाते वह उसकी हेराफेरी पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती है। उधर राजू ने घोटाले का जो खुलासा किया है, उसे इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकांटैंट्स ऑफ इंडिया के अध्यक्ष वेद जन विश्वसनीय नहीं मानते। उन्होंने कहा कि एक अकाउटैंट होने के नाते मेरी समझ में नहीं आता कि राजू की बात सच कैसे हो सकती है। 5,000 करोड़ रु. एक रात में नहीं बनते। न ही घोटाले में एक व्यक्ित शामिल होगा और इतनी बड़ी कंपनी में किसी को कुछ पता ही न हो, एसा हो नहीं सकता।ं

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  • Web Title: राजू की मुसीबतें बढ़ीं, मेटास इंफ्रा अध्यक्ष का इस्तीफा