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सूबे की यात्रा पर है साधुओं की टोली

दीन-दुखियों की सेवा ही भगवान की आराधना है- इस महामंत्र के साथ साधुओं की एक टोली बिहार की यात्रा पर है। उन्होंने इसे भारत सद्भावना यात्रा का नाम दिया है। अवधूत भगवान राम के परम शिष्य अवधूत संत अलख रामजी इस टोली का नेतृत्व कर रहे हैं। यह टोली सुपौल जाकर करोड़ों रुपये का अन्न, वस्त्र और दवाएं बाढ़पीड़ितों के बीच बांटेगी। कुछ बाढ़प्रभावित गांवों को गोद लेने की भी योजना है।ड्ढr ड्ढr सद्भावना यात्रियों ने बताया कि बाढ़पीड़ित इलाकों में एक अस्थायी आश्रम खोलकर बाढ़ की समस्या का स्थायी निदान खोजने का भी प्रयास किया जाएगा। यात्रियों ने बिहार में घुसने के साथ ही ठंड से कंपकंपाते हाारों लोगों के बीच कंबलों का वितरण किया है। मुम्बई में स्थित अवधूत भगवान राम सेवा आश्रम के संचालक संत अलखरामजी ने बताया कि अलगाववाद और आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय एकता और सेवा का संकल्प लेकर भारत सद्भावना यात्रा शुरू हुई है। यह यात्रा मुम्बई से त्रिपुरा तक हो रही है। कोलकाता से त्रिपुरा तक लगभग एक हाार किलोमीटर तक वे लोग पदयात्रा करंगे। इस यात्रा में आश्रम के लगभग 50 लोग शामिल हैं। इनमें साधु-संतों के अलावा चिकित्सक, विद्वान और समाजसेवी आदि भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि त्रिपुरा तक की पदयात्रा का उद्देश्य पूवरेत्तर के राज्यों में व्याप्त उग्रवाद और आतंकवाद की समस्या का समाधान तलाशना है।ड्ढr ड्ढr साधु यात्री वहां माता त्रिपुरसुन्दरी का दर्शन कर पूवरेत्तर में व्याप्त रक्तपात रोकने की प्रार्थना करंगे। आश्रम के सचिव भवानी राम ने बताया कि इस यात्रा के बाद बिहारी-मराठी जसे विवाद भी समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनका आश्रम अवधूत भगवान राम के जन्मस्थान भोजपुर जिले के गुड़ीगांव के आसपास एक मेडिकल कालेज भी खोलना चाहता है। इसके लिए वे लोग मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं।

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