DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजरंग

इस्तीफा के लिए चिचिया रहे हो। कौनो खेल तमाशा है का? जब मन किया, लगे चिचियाने। चुनाव हार हैं, कौनो जमीन, जायदाद नहीं ना हार हैं। विचित्र हालत है। अयसन, अयसन कय गो चुनाव लड़े, जीते और हार। कौनो इस्तीफा दिये थे का? नहीं ना दिये। तमाड़ हार गये हैं, तो कहीं और से जीते जायेंगे। नहीं जीतेंगे, तब देखेंगे, फ्यूचर में क्या करना है। अभी रिाल्ट निकला नहीं, लगे हुंकार पारने-इस्तीफा दो, इस्तीफा दो। एक्चुअली है का कि अपने गुरु का गुरु आजकल साथ नय दे रहा है। जब देखिये, गुरु पर मंगल भारी पड़ जाता है। गुरु कुरसी पर बैठे नहीं कि कुरसी हिलने लगती है। कुरसी चाहे केंद्र की हो, चाहे स्टेट की। कुरसी के साथ एकदम विपरीत संबंध होता जा रहा है गुरु का। अब हिंया तो सभे ठीके-ठाक चल रहा था। छह महीना तक तो मजे से स्टेट चलाइये लेते। लेकिन बीच में एसेंबली का मेंबर बनने का मामला खड़ा हो गया। अब सामने जो मैदान खाली था, उतर गये। मैदान अपना था नहीं, उसे बनाने की कोशिश की। लेकिन गोल उलटी अपने तरफ दगाने लगा। देखते-देखते हार भी हो गयी। अब हारिये गये तो इस्तीफा देइये देंगे। पहले सबका हिसाब-किताब देख लेंगे। कहां, किसका क्या खाता-पतर है, सबको क्लोज करना पड़ेगा। तब न इस्तीफा देंगे, चिचियाने से थोड़े ना इस्तीफा दे देंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: राजरंग