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एटमी हथियार गलत हाथों में पड़ने का अंदेशा

अमेरिका की बागडोर संभालने जा रहा ओबामा प्रशासन सबसे अधिक इस बात से भयभीत है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार कहीं गलत हाथों में न पड़ जाएं। इनमें वे गुट भी हो सकते हैं जो भारत-पाक टकराव को हवा देकर परमाणु शस्त्रों पर काबिज होने का मौका ताड़ रहे हैं। ‘न्यूयार्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा को इस आशय की खुफिया जानकारी से अवगत कराया गया है। ये खुफिया सूचनाएं इस साल के शुरू में राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यु. बुश के आला सुरक्षा सलाहकारों के संज्ञान में लाई गई थीं। इस अति गोपनीय रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह विदेशों में ट्रेंड पाकिस्तानी साइंटिस्ट देश के परमाणु प्रतिष्ठानों में नौकरी की हसरत लिए वतन लौट रहे हैं। इनमें कुछ संदिग्ध चेहर शामिल हैं जिनके पाक स्थित कट्टरपंथियों से ताल्लुकात हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाक में करीब 2000 या इससे अधिक ऐसे लोग मौजूद हैं जो पाकिस्तान के नाभिकीय कार्यक्रम के बाबत बारीक जानकारी रखते हैं। बुश प्रशासन के एक आला अधिकारी के हवाले से इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब हथियार उनकी पहुंच में होंगे तब क्या होगा, यही सबसे बड़ी चिन्ता है। इस अधिकारी का कहना है कि कुछ गुट भारत और पाकिस्तान में टकराव को उकसावा देने की कोशिश कर सकते हैं ताकि पाकिस्तानी सेना अपने परमाणु हथियारों को अग्रिम मोर्चे पर तैनात करं जहां इन गुटों को उन पर काबिज होना बहुत आसान हो जाएगा।

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  • Web Title: एटमी हथियार गलत हाथों में पड़ने का अंदेशा