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फिटमेंट कमेटी की रिपोर्ट से शिक्षक नाराज

ेंद्रीय वेतनमान पर फिटमेंट कमेटी की रिपोर्ट से प्राइमरी शिक्षक काफी खफा हैं। रिपोर्ट को शिक्षक विरोधी करार दिया है। साफ कहा गया है कि अगर एक जनवरी 06 से आíथक नकद लाभ नहीं मिला, तो प्राइमरी शिक्षा में भी हड़ताल होगी। झारखंड राज्य प्राइमरी शिक्षक संघ के महासचिव योगेंद्र तिवारी एवं उप महासचिव रणविजय तिवारी ने कहा कि रिपोर्ट में संशोधन नहीं हुआ, तो शिक्षण कार्य ठप करा दिया जायेगा। महासचिव ने चिकित्सा भत्ता 300 के बदले एक हाार रुपये देने, हर दस साल पर वेतन निर्धारण केसमय ही ग्रेड वेतन क्रमश: 4200, 4600 और 4800 देने, इसी के अनुरूप स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रशिक्षित को भी वेतनमान देने की मांग की है। कहा है कि फिटमेंट कमेटी ने रिपोर्ट में स्पष्ट प्रतिवेदन नहीं दिया है। ग्रेड वेतन में कमेटी ने गोल-मोल रिपोर्ट दी है। केंद्रीय शिक्षकों की तरह सुविधा एवं प्रोमोशन का लाभ देने की भी मांग की है। कहा है कि इसे लेकर संघ का शिष्टमंडल सीएम से मिलकर स्थिति स्पष्ट करगा। बात नहीं बनी, तो हड़ताल तय है।ड्ढr रिपोर्ट भ्रामक: महासंघड्ढr रांची। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोपगुट ने फिटमेंट कमेटी की रिपोर्ट को भ्रामक कहा है। संयोजक नवीन चौधरी ने कहा कि अगर इस आधार पर अधिसूचना हुई, तो कर्मचारी हड़ताल को बाध्य होंगे।ड्ढr राजपत्रित कर्मचारी संघ भी भड़काड्ढr रांची। फिटमेंट कमेटी की अनुशंसा को लेकर राजपत्रित कर्मचारी महासंघ भी नाराज है। महासंघ ने कहा है कि कमेटी ने केंद्रीय वेतनमान को भी नहीं माना है। राज्य सरकार के पदाधिकारियों के वेतनमान में समानता होनी चाहिए, लेकिन लोक सेवा आयोग से ही चुनकर आये पदाधिकारियों का वेतन अलग कर दिया गया है। महासंघ ने केंद्रीय सेवा की तरह राजपत्रित पदाधिकारियों के बेसिक ग्रेड का वेतनमान ग्रुप ए इंट्री मानते हुए 15600-300 करने की मांग की है। केंद्रीय सेवा की तरह ही राज्य सेवा के सभी राजपत्रित पदाधिकारियों को तीन एसीपी का लाभ एवं पांच प्रोन्नति देने, एलटीसी की सुविधा पूर देश के लिए देने, केंद्रीय सेवा की तरह चिकित्सा सुविधा और शिक्षा सुविधा देने की मांग की गयी।

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  • Web Title: फिटमेंट कमेटी की रिपोर्ट से शिक्षक नाराज