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शाबास चासप्रीत

ासप्रीत है तो 12 साल की, पर इस छोटी उम्र में शनिवार की दोपहर उसनेोो बहादुरी दिखाई, उसने उसे बहुत बड़ा बना दिया। वह माँ मीना कौर व छोटे भाई-बहन के साथ रिक्शे से मालवीय नगर गुरुद्वारेोा रही थी। ऐशबाग पुल के पास बाइक सवार दो युवक रिक्शे के साथ चलने लगे। ये लोग कुछ समझते कि इसके पहले बाइक पर पीछे बैठे युवक ने मीना की गर्दन पर झपट्टा मार कर चेन छीन ली।ड्ढr बस!ोसप्रीत रिक्शे से कूदी और युवक छपट पड़ी। उसका स्वेटरोसप्रीत के हाथ में आया । उसने युवक का स्वेटर खींच लिया। बाइक अनियंत्रित हुई, लुटेरा नीचे गिर पड़ा। फिरोसप्रीत ने उसे कसकर पकड़ लिया। माँ भी बेटी की हिम्मत देखकर बदमाश पर टूट पड़ी। दोनों को बदमाशों सेोूझते देख आस-पास के लोग भी मदद के लिए आ गए। भीड़ ने लुटेरे की धुनाई शुरू कर दी। इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर दूसरा लुटेरा बाइक से भाग गया।ड्ढr लुटेर के पास से लूटी गई चेन तो मिल गई लेकिन पेन्डेन्ट गायब था। थोड़ी देर में वहाँोुटी भीड़ कीोुबाँ पर बस नाका, गुरुद्वारा रोड (8017) निवासीोसप्रीत की बहादुरी के चर्चे ही सुनाई पड़ने लगे। लुटेरे की पहचान दुर्विायगां, नाका निवासी धर्मेन्द्र गुप्ता के रूप में हुई। धर्मेन्द्र ने बताया कि फरार साथी सतीश है। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। बाइक भी मिल गई। बारखाला पुलिस ने बच्ची की बहादुरी अपने बड़े कप्तान से बयाँ की। एसएसपी नेोसप्रीत व उसकी माँ को अपने आवास पर बुलवाकर प्रशस्त्रिपत्र दिया।ोसप्रीत की बहादुरी को भी सलाम किया। ड्ढr मैं डाक्टर बनूँगी : पेा 6

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  • Web Title: शाबास चासप्रीत