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गुड़गांव, जयपुर और पुणे में हड़ताल टूटी

ेंद्र सरकार ने माना है कि सात दिन से चली आ रही ट्रक हड़ताल से माल और विशेषकर औद्योगिक सामान की आमोदरफ्त में बाधा आई है। सरकार ने कहा कि ट्रक हड़ताल पर बात करने को तैयार है कि लेकिन हड़तालियों को देश का जनजीवन अस्तव्यस्त नहीं करने देगी। सड़क परिवहन सचिव ब्रह्म दत्त ने ट्रक हड़ताल को देश विरोधी करार दिया और कहा कि ट्रक मालिकों को देशहित में काम करना चाहिए, क्योंकि उनकी मांगें गत वर्ष ही पूरी कर दी गई थीं। लेकिन ट्रांसपोर्टर अब और नई मांगें लेकर आ रहे हैं। ये अतार्किक और गैरन्यायोचित हैं जिन्हें मानना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि पुणे, हासन, जयपुर और गुड़गांव में ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल तोड़ दी है। हड़ताल से बाहर आल इंडिया कांफेडरशन आफ गुड्स व्हीकल आनर्स एसोसिएशन ने आश्वासन दिया कि वह सामान और उपभोक्ता वस्तुओं की सप्लाई में पूरा सहयोग करगा। दत्त ने कहा कि सरकार माल की अबाधित सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों के परिवहन मंत्रियों के साथ संपर्क में है। राज्य सरकारों से कहा गया है कि वह आक स्मिक योजना का खाका तैयार रखें और जरूरत पड़ने पर एस्मा और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लागू करं ताकि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई न रुके। अनेक राज्य सरकारों ने यह योजना बना भी ली है। उन्होंने कहा कि हड़ताल जारी रहने की हालत में राज्यों से सरकारों से कहा गया है कि वे 15 से 20 लाख ट्रक तैयार रखें। इस संबंध में सरकार सोमवार को राज्य के परिवहन मंत्रियों की बैठक कर रही है।

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