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पीजी की एक चौथाई सीटें रह जाएंगी खाली!

राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज पटना में पीजी की लगभग एक चौथाई सीटें खाली रह जायेंगी! नामांकन के लिए छात्र भले मार-मार फिर रहे हों लेकिन सारा मामला ‘अधिकारियों की पेंच’ में फंसा हुआ है। कालेज प्रशासन ने रिक्त सीटों की जानकारी विभाग और संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता पर्षद (बीसीईसीईबी) को देकर दूसरी काउंसलिंग के लिए पत्र लिखा। लेकिन अबतक इसकी प्रक्रिया नहीं शुरू की जा सकी। नतीजा वर्ष 2007 के सत्र में नामांकन का समय बीत गया। अब इस ‘पेंच’ में फंसे छात्रों का एक-एक दिन पहाड़ की तरह बीत रहा है। उन्हें लगता है कि कहीं 2008 सत्र की सीट पर नामांकन का समय भी न बीत जाये।ड्ढr ड्ढr उधर बीसीईसीईबी के परीक्षा नियंत्रक अमरन्द्र नारायण सिंह भी इस मुतल्लिक कुछ नहीं बता पाये। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना में आयुव्रेद स्नात्कोत्तर का पाठय़क्रम लंबे समय के बाद फिर शुरू हुआ। वर्ष 2007 और 2008 के सत्र में 16 सीटों पर नामांकन के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा में सफल तीन छात्र काउंसलिंग में शामिल नहीं हुए। अब कॉलेज ने 2007 के लिए एक सीट और 2008 के लिए दो सीटों को रिक्त बताते हुए दूसरी सूची के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था करने की मांग की।ड्ढr ड्ढr लेकिन बीसीईसीईबी के अधिकारी अब तक यह व्यवस्था नहीं कर सके। उधर सूत्र बताते हैं कि बीसीईसीईबी का कहना है कि 2007 की एक सीट पर नामांकन का समय समाप्त हो गया। अब विभाग अगर शेष दो सीटों पर नामांकन के लिए काउंसलिंग की फिर से मांग करगा तो व्यवस्था होगी।

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