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मैकबेथ ने रचा दृश्य काव्य

विलियम शेक्सपीयर के विश्वविख्यात नाटक मैकबेथ के प्रसंग, निर्देशक योतिष एमाी ने कुछ यूँ परिकल्पित किए कि दर्शकों को उनमें काव्यात्मकता लगी। उनमें लयात्मकता व बिम्बों का बेहतरीन प्रयोग किया गया। नाटक मलयालमी में होने के बावाूद हिन्दी भाषियों के बीच अपनी छाप छोड़ने में सफल रहा। इसका मंचन भारत रंग महोत्सव के तहत सोमवार को बली प्रेक्षागृह में किया गया।ड्ढr केरल की अभिनय संस्था द्वारा मंचित इस नाटक में दिखाया गया कि नायक और वीरोर्नल मैकबेथ किस तरह अपनी पत्नी द्वारा उकसाने पर रा दुनकान की हत्या कर देता है। उसे सत्ता तो मिलोाती है पर हत्या का खौफ उसकाोीना मुहाल कर देता है। उसकी घुटन को दर्शाने के लिए निर्देशक ने चार आदमकद शीशों का प्रयोग किया वहीं मन की स्थिति को सम्प्रेक्षित करने के लिए प्रोोक्टर और स्क्रीन की मदद ली। हालाँकि कहीं-कहीं यह स्क्रीन खटकी।ड्ढr नाटक का संगीत उसकीोान था। मंच पर मैकबेथ के किरदार में डी.रघूथमन और लेडी मैकबेथ के चरित्र में एथीरा एल.पी. ने प्रभावित किया। श्रीनिवास वी.के. और डॉ.वी.वेनू सहित मनु वी.आर., शहाबुद्दीन, प्रतीश, आय कुमार, अािन, वरगीस, संतोष, प्रवीण के. ने मंचन पर अन्य पात्रों को अभिनीत किया। सोमवार को बली प्रेक्षागृह लगभग हाउसफुल रहा।

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