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दीपक के खुलासे से महकमे भी घेरे में

डीडीए फ्लैट घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा के हत्थे चढ़े दीपक की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस व डीडीए की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। दीपक ने बयान दिया है कि फर्ाीवाड़े में शामिल गिरोह के सदस्यों से करीब दो महीने पहले उसकी अनबन हो गई थी। उसे आशंका थी कि यह गिरोह किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे रहा है। दीपक के मुंह खोलने पर इस गिरोह के सदस्यों ने उसे धमकी दी थी, जिसकी उसने दिल्ली पुलिस से शिकायत भी की थी। इस बीच, दीपक को सोमवार को कोर्ट में पेश कर आठ दिन के लिए रिमांड पर ले लिया गया है। दीपक ने यह खुलासा किया कि पहले तो उसने गिरोह से जुड़े सुरेश के कहने पर करीब दस फार्म भरवाए। फिर यह संख्या बढ़ते हुए जब सैकड़ों में हो गई तो उसे घोटाले का शक हो गया। घबराकर उसने खुद को इस फर्ाीवाड़े से अलग कर लिया। बकौल दीपक, इस पर उसे फोन पर बार-बार धमकी दी गई जिसकी शिकायत उसने पुलिस से भी की। उसने इंडियन जस्टिस पार्टी के अध्यक्ष उदितराज को भी इस फर्ाीवाड़े से अवगत कराया था। इस पर उदितराज ने सुरेश मीणा को पुलिस के हवाले किया था। दीपक के इस बयान से अब दिल्ली पुलिस व डीडीए दोनों ही की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

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  • Web Title: दीपक के खुलासे से महकमे भी घेरे में