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पाठय़क्रम में कंप्यूटर और अंग्रेजी भी

देश-विदेश की नामी गिरामी कंपनियां सिर आंखों पे बिठायेंगी राज्य के आईटीआई पास युवकों को। वे अब बोलेंगे फर्राटेदार अंग्रेजी और उनकी अंगुलियां नाचेंगी कम्प्यूटर के की बोर्ड पर। सरकार इन्जीनियरिंग कॉलेजों की तर्ज पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई)में भी अंग्रेजी और कम्प्यूटर की पढ़ाई शुरू करने जा रही है। श्रम संसाधन विभाग ने 76 ऐसे संस्थानों में अंग्रेजी शिक्षकों के पद को स्वीकृत कर दिया है। जल्द ही कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद इन स्वीकृत पदों पर अंग्रेजी शिक्षकों की बहाली हो जायेगी। कम्प्यूटर के लिए भी राशि संस्थानों को भेजी जा रही है।ड्ढr ड्ढr श्रम संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकार निजी संस्थानों से टक्कर लेने के लिए सरकारी संस्थानों को तैयार करने में जुट गई है। सरकार का मानना है कि अंग्रेजी और कम्प्यूटर की जानकारी के अभाव में आईटीआई से पास छात्रों को बड़ी कंपनियां लेने में हिचकती हैं। लिहाजा हर सरकारी संस्थान में भी अब अलग अंग्रेजी विभाग होगा। इन्जीनियरिंग कॉलेजों की तरह प्रथम वर्ष में हर ट्रेड के छात्रों को अंग्रेजी और कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य होगी।ड्ढr ड्ढr पाठय़क्रम का निर्धारण एससीवीटी और एनसीवीटी करंगे। इसके लिए 76 सरकारी आईटीआई में अंग्रेजी शिक्षकों की बहाली होगी। ये बहालियां आउटसोर्सिग के आधार पर होगी लेकिन भविष्य में इन पदों को स्थाई किया जा सकता है। फिलवक्त बहाल होने वाले शिक्षकों को सभी भत्ते मिलाकर लगभग साढ़े दस हाार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। अभ्यर्थियों के पास अंग्रेजी में पीजी की डिग्री होनी चाहिए साथ ही कम्प्यूटर का ज्ञान भी जरूरी है। बहाली के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष और पुरुषों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष रखी गई है। महिलाओं, पिछड़ी जाति और अत्यंत पिछड़ी जाति के आवेदकों को अधिकतम उम्र में तीन वर्ष और अनुसूचित जाति-ानजाति के लिए पांच वर्ष की छूट दी जायेगी।ं

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  • Web Title: पाठय़क्रम में कंप्यूटर और अंग्रेजी भी