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मुखिया कहती हैं, सरआम पैर पकड़ कर माफी मांगो

मुखिया कहती है कि सरआम पैर पकड़ कर माफी मांगो, तब जाकर बकाया वेतन मिलेगा। फतेहपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार ने सोमवार को जनता दरबार में स्थानीय मुखिया पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। सुनील का 18 माह से वेतन बंद है, 72 हजार रुपये बकाया है। मुखिया कहती है कि या तो 30 हजार रुपये दो या सबके सामने पैर पकड़ कर माफी मांगो। हर जगह से निराश सुनील को आखिरकार जनता दरबार में आना पड़ा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उसका मामला शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। शिक्षक बहाली से लेकर कॉन्ट्रैक्ट पर तैनात पारा मेडिकल कर्मियों के मामले छाये रहे। इस दौरान आलीम-फाजील डिग्रीधारियों और चुने जाने के बाद हटा दिये गये रोहतास के शिक्षक उम्मीदवारों ने जनता दरबार में हंगामा किया।ड्ढr ड्ढr रोहतास जिला परिषद (माध्यमिक) शिक्षक के लिए चुने जाने के बाद भी हटा दिये गये शिवकिशोर ठाकुर और धर्मेन्द्र ठाकुर समेत एक दर्जन उम्मीदवारों ने शिक्षा विभाग पर गड़बड़ी के आरोप लगाये। उनका कहना था 76 में सिर्फ 56 उम्मीदवारों की बहाली हुई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने 20 उम्मीदवारों को कट ऑफ (62.प्रतिशत) से कम अंक के आधार पर हटा दिया जबकि पांच शिक्षक इससे कम अंक लाकर भी पढ़ा रहे हैं। दीपू पंडित ने शिक्षक बहाली में विकलांगों को सभी श्रेणियों की बजाय सिर्फ एससी-एसटी कोटे में ही 3 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने का मामला उठाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फौरन कार्रवाई के निर्देश दिये। कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल परिचारिका ग्रेड-ए, प्रयोगशाला टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, फर्मासिस्ट, ओटी असिस्टेंट, एएनएम और ड्रेसरों ने नियमित बहाली की मांग की। सेकट्रेरियल प्रैक्िटस, मॉडर्न ऑफिस प्रैक्िटस और लाइब्ररी साइंस में तीन वर्षीय डिप्लोमाधारी उम्मीदवार सुनील कुमार गुप्ता, मिथिलेश प्रसाद सिंह, पूनम, स्वाति, संयुक्ता, सायना और कुंज बिहारी ने सरकारी नौकरी जबकि पारा मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने कोर्स को डिग्री की मान्यता, छात्रावास और छात्रवृति देने की मांग की।

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