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मांगें पूरी नहीं हुईं तो 15 से हड़ताल

बिहार वित्त सेवा के अधिकारियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए निर्णय लिया है कि यदि राज्य सरकार चार सेवाओं के साथ-साथ बिहार वित्त सेवा को भी सरकार छठे वेतन आयोग के सिफारिशों को हू-बहू लागू नहीं करती है तो 15 जनवरी से सभी पदाधिकारी हड़ताल पर चले जाएंगे। वित्त सेवा के अधिकारियों ने कहा कि राज्य के विकास एवं राजस्व उगाही में वित्त सेवा की अहम भूभिका होती है। इसके बावजूद सरकार द्वारा केवल बिहार पुलिस सेवा, बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार अभियंत्रण सेवा एवं बिहार वेटनरी सेवा को वेतनमान 8000 से 13500 में प्रतिस्थापित करते हुए छठे वेतन आयोग के आलोक में वेतनमान 15600 से 300 में वेतन निर्धारित करने की सहमति प्रदान की है। किन्तु बिहार वित्त सेवा को उक्त वेतनमान से वंचित रखा गया है। इससे वित्त सेवा के अधिकारियों में भारी आक्रोश है।ड्ढr अधिकारियों ने कहा कि इससे अधिकारियों की कार्यक्षमता एवं तकनीकी दक्षता पर भी असर पड़ना स्वभाविक है। शाम को वित्त सेवा के दर्जनों अफसर बिहार वित्त सेवा संघ के अध्यक्ष बी.के. सिंह एवं महासचिव राजकुमार ने भी मिला और स्थिति की पूरी जानकारी दी।अध्यक्ष श्री सिंह ने आश्वासन दिया कि सरकार अन्य सेवा के साथ-साथ वित्त सेवा को भी नया वेतनमान मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इस संबंध में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से मिलेंगे और पूरी जानकारी देंगे।

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