DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजनीतिक ड्रामेबाजी से नाराज हैं मुसलिम, कहा

राज्य में चल रही राजनीतिक ड्रामेबाजी से मुसलिम समुदाय में काफी नाराजगी है। समाज के लोग कहते हैं कि अब राज्य में राष्ट्रपति शासन ही विकल्प है।ड्ढr अंजुमन इसलामिया के सदस्य शेख एबादुल्लाह इकबाल ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों ने राज्य को प्रयोगशाला बना दिया है। हर विधायक सिर्फ सीएम बनना चाह रहा है। इसलिए केंद्र को चाहिए कि यहां उचित कार्रवाई करं।ड्ढr एदारा-ए-शरिया के सरपरस्त मो सईद ने राज्य में गैर आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। कहा है कि आठ साल तक आदिवासी मुख्यमंत्रियों के हाथों में राज्य की सत्ता रही। नतीजा शून्य रहा। मौलाना तहाीबुल हसन ने कहा कि किसी भी दल ने मुसलिम हित में काम नहीं किया है। राजनेताओं ने राज्य को बेहाल कर दिया है। इसलिए यहां राष्ट्रपति शासन लगना जरूरी है।ड्ढr झारखंड डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष सरफुद्दीन खान ने कहा कि सत्ता में बदलाव का खेल सिर्फ कांग्रेस ही खेल रही है। नये सिर से चुनाव हो और बहुमत वाली पार्टी की सरकार बने, तभी यहां स्थिर सरकार होगी।ड्ढr हुसैन कासिम कच्छी ने कहा कि छोटे दलों के विधायकों के कारण ही यहां राजनीतिक ड्रामा हो रहा है। यहां यह खेल तब तक चलता रहेगा जब तक कि बहुमत वाली सरकार नहीं बनेगी।ड्ढr सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के महासचिव अकीलुर्रहमान ने कहा है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगना जरूरी है। केंद्र इस दिशा में जल्द से जल्द कार्रवाई करं। ि

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: राजनीतिक ड्रामेबाजी से नाराज हैं मुसलिम, कहा