अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्वर्णरखा महोत्सव मेले में हिन्दुस्तान ने लगाया स्टॉल नगड़ी

शहरी क्षेत्र में बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच मिल जाता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं दबी रह जाती हैं। हिन्दुस्तान दैनिक ने सुदूर गांव में आकर ग्रामीण प्रतिभाओं को उभारने मौका दिया है। यह काबिले तारीफ है। उक्त बातें वरीय कांग्रेसी नेता पीएन सिंह ने कहीं। वे मगंलवार को रानीचूआं नगड़ी में आयोजित स्वर्णरखा महोत्सव मेला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टुसू पर्व के अवसर पर आयोजित इस मेले का एक ऐतिहासिक महत्व है। बताया जाता है कि स्वर्णरखा नदी की उत्पति अजरुन के बाण से हुआ था। सामने पांडू का गांव है, जहां पांचों पांडव छिपे थे। मेला में हिन्दुस्तान दैनिक द्वारा स्टॉल लगाया गया है। यहां दिन भर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये। गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक, फैंसी ड्रेस, डांस का कार्यक्रम आयोजित किये गये। आसपास गांव के करीब एक दर्जन स्कूल के छात्र और ग्रामीणों ने कार्यक्रम का लुफ्त उठाया। फैंसी ड्रेस में बच्चों को देखने के बाद यह अहसास ही नहीं हो रहा था कि ये बच्चे ग्रामीण क्षेत्र के हैं। नृत्य और गीत का ऐसा समां बंधा कि लोग शाम पांच बजे तक ग्रामीण हिले तक नहीं।ड्ढr अंत में सफल प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया गया। हिन्दुस्तान का मास्ट हेड के लक्की विजेता का प्रथम पुरस्कार इंडियन पब्लिक स्कूल की नेहा को मिला, जबकि अमरदीप केशरी और पंका महतो को क्रमश: दूसरा और तीसरा पुरस्कार दिया गया। चौथा पुरस्कार प्रमोद महतो के नाम था। फैंसी ड्रेस में साइंस एकेडमी को प्रथम, संत जोसेफ स्कूल को द्वितीय और इंडियन पब्लिक स्कूल को तृतीय पुरस्कार दिया गया। डांस प्रतियोगिता में संत जोसेफ पब्लिक स्कूल को प्रथम, आदिवासी महादेव विकास स्कूल को द्वितीय और इंडियन पब्लिक स्कूल को तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। ग्रामीण ने खाद्य प्रसंस्करण पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। 14 जनवरी को स्वर्णरखा उद्गम स्थल पर मेला का आयोजन किया गया है। इसमें भी हिन्दुस्तान की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। मौके पर हेरिटेा ग्रुप के के शाहदेव, चूड़ामणि महतो, मेला समिति के अध्यक्ष तपेश्वर केशरी उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: स्वर्णरखा महोत्सव मेले में हिन्दुस्तान ने लगाया स्टॉल नगड़ी