DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मैप देखकर जानिए भूकंप से घर का हाल

भूकंप के खतरे के हिसाब से दिल्ली दूसरे बड़े खतरनाक जोन-4 में है। लेकिन हिमालयन फॉल्ट लाइन के बेहद निकट से गुजरने के कारण दिल्ली में जब-तब भूकंप के झटके लगते रहते हैं। इसलिए मारे भय के लोगों का दम निकलने लगता है। लोगों को पता नहीं कि उनका घर भूकंप के लिहाज से कितनी सुरक्षित जमीन पर बना है। या जो लोग नया घर बनाने जा रहे हैं, उनके पास भी फिलहाल यह जानने का कोई जरिया नहीं है कि किस इलाके की जमीन पर बना घर भूकंप के झटकों को आसानी से झेल लेगा। लेकिन यह समस्या अब दूर होने वाली है। दिल्ली का ‘साइज्मोग्राफिक मैप’ बहुत जल्द आम लोगों को बाजार में उपलब्ध होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के भूकंप विज्ञान केंद्र के प्रभारी ए. के भटनागर ने बताया कि दिल्ली में भूकंप के खतर की माइक्रोजोनिंग स्टडी के बाद अब इसका साइज्मोग्राफिक मैप’ तैयार किया जा रहा है। मैप जब आम लोगों को उपलब्ध होगा तो वह खुद जान सकेंगे कि उनका घर भूकंप के लिहाज से कितना सुरक्षित है। यदि वह खतर वाली श्रेणी में है तो भी पुराने घर को भूंकप रोधी बना सकते हैं। नया घर बनाने वाले इससे बचाव के इंतजाम कर सकते हैं। माइक्रोजोनिंग स्टडी में दिल्ली को भूकंप के हिसाब से उच्च, मध्यम और कम खतर वाले क्षेत्रों में विभाजित किया गया था। मूल स्टडी 1-50000 के स्केल पर हुई थी। जिसे अब 1-10000 स्केल पर किया गया है। मसलन यमुना के तटीय इलाका खुली मिट्टी का है, इसलिए वहां बनने वाले भवनों को भूकंप का खतरा ज्यादा है। वसंत कुंज की जमीन में चट्टानें ज्यादा है, वहां खतरा थोड़ा कम है। भटनागर के अनुसार नई स्टडी के बाद दिल्ली में दो सौ मीटर छोटे जमीन के टुकड़े की संरचना का पता लगाया जा सकेगा। इस स्टडी में बाकायदा जमीन की खुदाई कर संरचना का गहन अध्ययन किया गया है। इसमें भूगर्भ विज्ञान विभाग की भी मदद ली गई। इन आंकड़ों को एकत्र करने के बाद सव्रे ऑफ इंडिया ने दिल्ली का साइज्मोग्राफिक मैप’ तैयार करने का कार्य आरंभ कर दिया है जो करीब-करीब पूरा होने को है। यह दिल्ली के टूरिस्ट मैप की भांति ही होगा लेकिन इसमें दर्ज होगा कि कौन सा स्थान कहां पर भूकंप के हिसाब से कितना खतरनाक है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मैप देखकर जानिए भूकंप से घर का हाल