DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एनोस-राय मिले शिबू से

झारखंड में उत्पन्न राजनीतिक संकट के बीच बर्खास्त मंत्री एनोस एक्का एवं हरिनारायण राय के अपोलो अस्तपाल पहुंचते ही अटकलें तेज हो गयी हैं। दोनों सुबह सवेर ही अपोलो में भरती शिबू सोरन से मिलने पहुंचे थे। वे लगभग आधे घंटे तक वहां रहे। आइसीसीयू से निकलने के बाद दोनों मंत्रियों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। बस इतना कहा कि शिबू पूर राज्य के गुरु हैं, वे उनकी कुशलता पूछने आये थे। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि गुरुाी के साथ उनका समझौता भी हो सकता है। हालांकि एनोस एक्का और हरिनारायण राय इस संबंध में पत्ता खोलना नहीं चाहते हैं। इधर अपोलो में दिन में भर झामुमो के नेता-कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही। इस बीच साढ़े दस बजे के बाद भाजपा के पूर्व सांसद रामटहल चौधरी गुरुाी से मिलने पहुंचे।ड्ढr इसके बाद राज्य के सीएस एके बसू, डीाीपी बीडी राम, डीसी राजीव अरूण एक्का और एसएसपी संपत मीणा एक साथ पहुंचे। इसके बाद चंपई सोरन, विधायक प्रकाश राम, पूर्व विधायक सावना लकड़ा, विष्णु भैया, सांसद टेकलाल महतो और नलिन सोरन पत्नी सहित अस्पताल पहुंचे। हालांकि गहन चिकित्सा कक्ष में भरती गुरुाी से कोई मिल नहीं सका। भी अंदर जाकर दूर से ही सोरन को देख सके। कहा जा रहा है कि सिर्फ नलिन सोरन से गुरुाी ने थोड़ी देर बात की। दुर्गा सोरन लगभग 11.30 बजे अस्पताल से निकले। शाम पांच बजे सांसद रामेश्वर उरांव गुरुाी को देखने पहुंचे। गुरुाी पर दूसरा नाम देने का दबावड्ढr रांची। सीएम शिबू सोरन पर मुख्यमंत्री पद के लिए दूसरा नाम देने का भारी दबाव है। राजद की ओर से इसके लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन पार्टी पर पड़नेवाले इसके भावी परिणामों को लेकर गुरुाी ऐसा करने से हिचक रहे हैं। वे जान रहे हैं कि इससे पार्टी में बिखराव और टूट की स्थिति पैदा होगी। एक गुट चंपई के पक्ष में है और दूसरा नये नेता के पक्ष में। झामुमो सूत्रों के अनुसार शिबू सोरन इसलिए भी दिल्ली नहीं जाने पर अभी तक अडिग हैं क्योंकि पिछली बार उन्हें वहां पर सोनिया गांधी से नहीं मिलने दिया गया। अहमद पटेल भी नहीं मिले। उन्हें अजय माकन से बातचीत करने की सलाह दी गयी। माकन की सलाह पर ही उन्होंने पार्टी के विधायक का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया। गुरुाी की हालत में सुधार आज डिस्चार्ज संभवड्ढr अपोलो अस्पताल में भरती शिबू सोरन की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। डॉक्टरों ने उनकी हालत पहले से काफी बेहतर बतायी है। डॉ पीडी सिन्हा ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर अब नार्मल है। रात भर उन्हें नींद भी पूरी आयी। उन्हें 48 घंटे के ऑब्जव्रेशन में रखा गया है। दिन में उनका सीटी स्कैन कराया गया। स्कैनिंग की रिपोर्ट भी संतोषजनक बतायी जा रही है। हालांकि उनके दायीं किडनी में हल्का इंफेक्शन देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने इसे डायबिटीा का परिणाम बताया। सुबह गुरुाी को सूप भी दिया गया। डॉ सिन्हा अलावा डॉ नीरा के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी जांच की। डॉक्टरों ने बताया कि सारी रिपोर्ट देखने के बाद 15 जनवरी को उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है।ड्ढr यूं ही अचानक नहीं बिगड़ी गुरुाी की तबीयतड्ढr सीएम शिबू सोरन की तबीयत यूं ही अचानक नहीं खराब हुई। पिछले 15 दिनों में ‘बाबा’ को एक साथ कई तरह की परशानियों से दो-चार होना पड़ा। सबसे पहली बात तो यह कि इच्छा के विपरीत तमाड़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना पड़ा। चुनाव प्रचार में उन्होंने प्रतिदिन खासा पसीना बहाया। फिर उनके छोटे भाई गंभीर रूप से बीमार पड़ गये। तमाड़ में प्रतिदिन चुनाव प्रचार के बाद वह रो उनसे मिलने अपोलो जाते थे। वह अब भी बीमारी से उबर नहीं हैं। अपोलो में ही उनका इलाज चल रहा है। इन सब परशानियों के बीच आठ जनवरी को चुनाव हारने का उन्हें बहुत अधिक सदमा पहुंचा। फिर 11 जनवरी को उन्हें सीएम पद से इस्तीफा भी देना पड़ा। इस्तीफे के बाद भी उनकी परशानी कम नहीं हुई। एक ओर सरकार बनाने को लेकर उन पर दबाव बढ़ गया, तो इसी क्रम में उन पर पार्टी को एकाुट रखने की भी चुनौती आ पड़ी।ड्ढr .. पर हाल पूछने नहीं आयीं सुमन महतोड्ढr सीएम शिबू सोरन 13 जनवरी से बीमार हैं। उन्हें अपोलो में भरती किये जाने की खबर आग की तरह पूर देश में फैल गयी। इसके बाद उनसे मिलनेवालों का तांता लगा हुआ है। उनकी पार्टी के बड़े-छोटे नेता तो उनका हाल पूछने पहुंचे ही, हरिनारायण राय और एनोस एक्का ने भी बुधवार को जाकर आत्मीयता दिखायी, जिन्हें शिबू सोरन ने मात्र 15 दिन पूर्व मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया था। पार्टी के लगभग सभी विधायक और सांसद भी अस्पताल पहुंचे, उनका हाल-चाल पूछा। लेकिन अब तक सांसद सुमन महतो और उनसे मिलने नहीं पहुंचीं। पार्टी के लोगों के बीच इसकी चर्चा होने लगी है।ड्ढr जिसको दरकार ऊ सोचे कैसे बने सरकार : पीटरड्ढr तमाड़ विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शिबू सोरन को पराजित कर स्टार बने विधायक राजा पीटर ने कहा कि जिसको दरकार है ऊ सोचे कि कैसे बने सरकार। झापा का मानना है कि लोकतांत्रिक सरकार बने, लेकिन इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। वह राजभवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक्का और राजा के चक्रव्यूह में गुरुाी फंस गये। फिर हंसते हुए कहते हैं कि कोई आपके घर में घुसेगा, तो बर्दाश्त करंगे क्या? तमाड़ की जनता ने भी यही किया। लंबे बालों का राज पूछे जाने पर पीटर कहते हैं कि भई हम तो जंगल में रहते हैं। वहां सैलून कहां खोजेंगे। गांव और जंगल में रहकर लोगों की सेवा करना ही हमारा उद्देश्य है। उनके साथ पार्टी अध्यक्ष एनोस एक्का भी थे। उन्होंने कहा कि झापा केंद्रीय समिति की जल्द ही बैठक होगी, जिसमें गहन विचार विमर्श कर कोई स्टैंड लिया जायेगा। एनोस कहते हैं कि मधु कोड़ा पुराने साथी हैं और गुरुाी गार्जियन हैं। तमाड़ में झापा ने सैद्धांतिक लड़ाई लड़ी थी। चुनाव के बाद किसी से शिकवा-शिकायत नहीं है।ड्ढr पॉलिटिक्स.. कैसी ये पहेली हायचंपई के नाम पर बलमुचू-ाोबा हैं तल्खरांची। झामुमो की ओर से मुख्यमंत्री के रूप में चंपई सोरन का नाम प्रोजेक्ट किये जाने से कांग्रेस के प्रदीप बलमुचू और निर्दलीय जोबा मांझी सबसे ज्यादा परशान हैं। इसके पीछे ठोस वजहें हैं।ड्ढr चंपई चाईबासा-चक्रधरपुर इलाके में झारखंड टाइगर के रूप में जाने जाते हैं। बलमुचू की पहचान भी एक लेबर लीडर के रूप में ही है। उस इलाके में सुखराम और निरल पूर्ति को चंपई के आजू-बाजू के रूप में जाना जाता है। अब सुखराम पिछले कुछ वर्षो से जोबा मांझी के क्षेत्र से अपनी पत्नी नौमी उरांव को खड़ा करने के लिए जमीन तैयार करने में जुटे हैं। इससे जोबा पहले से परशान हैं। वहां वही स्थिति है, जो सिमडेगा-कोलेबिरा में एनोस एक्का और नियेल तिर्की के बीच की है। इस स्थिति में चंपई के सीएम बनने से सुखराम को और मजबूती मिलेगी, जो जोबा नहीं चाहती हैं।ड्ढr बलमुचू के लिए भी कुछ यही स्थिति है। पिछले चुनाव में बलमुचू झामुमो के बागी प्रत्याशी से थोड़े ही मतों के फासले से जीते थे। इसलिए चंपई के मजबूत होने पर निरल, सुखराम तो मजबूत होंगे ही, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम में झामुमो मजबूत होगा, जिसका सीधा असर कांग्रेस पर पड़ेगा।ड्ढr ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: एनोस-राय मिले शिबू से