अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ित अवैध

पटना उच्च न्यायालय ने गुरूवार को बिहार राय निर्वाचन आयुक्त जेके दत्ता की नियुक्ित को अवैध करार दिया। उच्च न्यायालय के कार्यकारी न्यायाधीश चन्द्रमौली कुमार प्रसाद और न्यायमूर्ति डॉ रवि रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने एक लोकहित याचिका पर गुरूवार को अपना फैसला सुनाते हुए राय निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ित को अवैध करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि अब दत्ता राय निर्वाचन आयुक्त का कार्य नहीं करेंगे। अदालत ने डॉ. दत्ता की नियुक्ित को इस आधार पर अवैध करार दिया है कि उनकी नियुक्ित की प्रक्रिया में ही खामी थी। न्यायाधीशों ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि इस नियुक्ित के लिए डॉ. दत्ता की अहर्ता में कोई कमी नहीं थी इसलिए इनका वेतन और अन्य भत्ते वापस नहीं लिए जाएंगे। इस मामले में राय सरकार की आेर से महाधिवक्ता पीके शाही ने दलील पेश की थी, जबकि याचिकाकर्ता की आेर से अधिवक्ता आशुतोष रंजन पांडेय ने बहस की। गौरतलब है कि सुनील कुमार तिवारी ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके कहा था कि संविधान की धारा 243 और बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 123 के तहत राय निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ित रायपाल द्वारा की जानी चाहिए थी। लेकिन जब उन्होंने इस बारे में सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी तब पाया गया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त दत्ता की नियुक्ित न तो रायपाल ने की है और न ही मंत्रिपरिषद की आेर से इसके लिए रायपाल को कोई सलाह दी गई। याचिका में कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्त के पद पर दत्ता की नियुक्ित सभी नियमों को दरकिनार कर की गई है क्योंकि उनकी नियुक्ित रायपाल की बजाय मुख्यमंत्री के आदेश से की गई है। इस मामले में अदालत ने 22 दिसम्बर 2008 को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बिहार राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ित अवैध