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12 हचाार अफसर 21 से हड़ताल पर

हजार अफसर 21 जनवरी से हड़ताल पर जाएंगे। सूबे के 2विभागों के इन अफसरों ने राज्य सरकार पर फूट डालो और राज करो की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों के लिए किसी भी हद तक जाने का एलान किया है। गुरुवार को बिहार राज्य राजपत्रित पदाधिकारी महासंघ के बैनर तले आपातकालीन बैठक में एकमत से निर्णय किया गया कि राज्य सरकार कुछ सेवाओं को प्रीमीयर सेवा मानकर उनका अपमान कर रही है। बैठक की जानकारी देते हुए उपाध्यक्ष हृषिकेश पाठक व अशोक मोती एवं महासचिव डा. देवानन्द प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रदेश के मात्र छह विभागों के अफसरों को 8000-13500 का वेतनमान देने का सरकार का निर्णय साजिश और अफसरों के बीच फूट डालने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि जदयू अपने चुनावी घोषणा पत्र से पीछे हट रहा है तो उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी बीते 6 जनवरी को महासंघ के नेताओं के साथ किये गये वायदे से मुकर रहे हैं। ऐसी अवस्था में पहले 1जनवरी को धरना प्रदर्शन होगा। बावजूद सरकार ने 20 जनवरी तक पूर सूबे के अफसरों के लिए 8000-13500 के वेतनमान की घोषणा नहीं की तो 21 जनवरी से सूबे को ठप कर दिया जाएगा। सिर्फ प्रशासनिक, पुलिस, वित्त, स्वास्थ्य, वेटेनरी और अभियंत्रण सेवा के अफसरों को 8000-13500 का वेतन देकर बाकी विभागों के अफसरों को बेकार समझने की सरकार की मंशा पूरी नही होगी। बैठक में शिक्षा, कृषि, वन, सूचना, लेखा, निर्वाचन, उद्योग, कारा, सहकारिता, निबंधन, श्रम, श्रम तकनीकी, योजना, कल्याण, उत्पाद, मत्स्य, नियोजन, आयुव्रेदिक, यूनानी, दंत चिकित्सा, सांख्यिकी, नगर योजना, ईख, अंकेक्षण, खान, भूगर्भ, सामाजिक सुरक्षा, वैज्ञानिक एवं शोध और परिवार कल्याण के यूके वर्मा, शंकर नाथ लाल, शंभु शरण ठाकुर, अभय झा, हेमन्त समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

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