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मस्त रही चांदनी चौक टू चाइना की यात्रा

सिद्दू (अक्षय कुमार) बड़ा आदमी बनना चाहता है, पर वो काम करता है चांदनी चौक में एक परांठे वाले की दुकान में, जिसका मालिक है दादा (मिथुन चक्रवर्ती)। सिद्दू के हाथों की हस्तरखा देख ज्योतिषियों को चक्कर आ जाता है। गंडे तावीज की चाह में सिद्दू चॉपिस्टिक (रणवीर शौरी) के पास भी पहुंच जाता है, लेकिन जब बाबा की लात पड़ती है तो उसे दिन में तार दिखने लगते हैं। एक दिन सिद्दू को चीन से आये दो व्यक्ित टकराते हैं। वह उसे लूशेंग समझते हैं, जिसका अवतार धरती पर उनके गांव को बचाने के लिए हुआ है। वह अपने गांव को होो (गॉर्डन लिउ) के अत्याचार से बचाना चाहते हैं और सिद्दू को अपने साथ चीन ले जाते हैं। चॉपिस्टिक भी सिद्दू के साथ चला जाता है। इस दौरान उसकी मुलाकात मिस टीएसएम (दीपिका पादुकोण-डबल रोल में) से होती है, जो कि एक मॉडल है। जब सिद्दू चीन पहुंचता है तो उसकी मुलाकात मिस टीएसएम की हमशक्ल साकी से होती है। साकी होो के गैंग में काम करती है। होो से होने वाले मुकाबले में सिद्दू के दादा की जान चली जाती है। होो सिद्दू को भी चीन की दीवार से नीचे फेंक देता है। लेकिन किसी तरह से चिआंग (रॉजर युआन) उसे बचा लेता है। चिआंग दरअसल, एक पुलिस ऑफिसर होता है, जिसे होो कई वर्ष पहले मरा हुआ समझ कर उसकी एक बेटी को पालता है। चिआंग ही मिस टीएसएम और मियाऊं का पिता है। चिआंग सिद्दू को कुंग फू की ट्रेनिंग देता है, ताकि वह अपने दादा के खून का बदला ले सके। निर्देशन : मनोरांन के लिहाज से फिल्म के हर हिस्से में निखिल कॉमेडी का जादू चलाने में सफल रहे हैं, लेकिन मध्यांतर से पहले फिल्म की गति काफी तेज होने के कारण और मध्यांतर के बाद थोड़ी धीमी होने के कारण स्क्रीनप्ले कई जगह गड़बड़ा गया है। अंत में ट्रेनिंग के दृश्यों में लय-ताल ठीक नहीं बनती, पर अपनी पिछली फिल्म सलाम-ए-इश्क से पर इस बार उन्होंने लोगों को बोर होने से बचा लिया है। अभिनय : अक्षय कुमार अपने चिर-परिचित अंदाज में जमे हैं। उनकी कॉमेडी बेमिसाल है। चुटीले संवाद और स्टंट अच्छे हैं। दीपिका एक बार फिर डबल रोल में सहा दिखीं। मियाऊं वाला उनका किरदार अपील करता है। मिथुन दा कई जगह जोश जगाते दिखे तो रणबीर भी अपने मंच पर जमे रहे। गॉर्डन लिउ और रॉजर युआन ने भी अपना अपना काम ठीक किया है। गीत-संगीत : ‘नाम है सिद्दू’ लोगों की जबान पर है। फिल्म में यह गीत कई बार है, जो हंसाता है। कैलाश खेर की आवाज और कलम का जादू इसमें दिखता है। इसके अलावा ‘आज फट्टे चल लैण दे’ गीत भी जोश दिलाता है। ‘तेर नैना’ और ‘इंडिया से आया मेरा दोस्त’ गीत जबरदस्ती ठूंसे गये लगते हैं। क्या है खास : चीन की दीवार के दर्शन और अक्षय तथा दीपिका के स्टंट। अक्षय कुमार की कॉमेडी। क्या है बकवास : होो का सिद्दू पर पेशाब करना। छतरी जो गोलियां रोक सकती है और पैराशूट भी बन सकती है। बेमतलब का चाईनीज ओपेरा। चीनी संवादों की हिन्दी में डबिंग। पंचलाइन : चांदनी चौक से टपकी अक्षय स्टाइल की कॉमेडी।

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  • Web Title: मस्त रही चांदनी चौक टू चाइना की यात्रा