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लालू बिन हमरा कवनो नहीं..

ाो कयास लगाये जा रहे हैं, वही तसवीर उभर रही है। कुर्सी के खेल में लालू बिन कुछ भी नहीं। कांग्रेस नेतृत्व ने चुप्पी साध ली है। राजद प्रमुख 18 जनवरी की रात जापान से लौटेंगे। यूपीए हलके में भी साफ कहा- सुना जाने लगा है कि अब लालू के आने पर ही बात बढ़ेगी। दिल्ली में अहमद पटेल से क्या बात हुई, इस बार में पूछने पर स्टीफन मरांडी ने बताया: पटेल साहब को भी लालू के आने का इंतजार है। शुक्रवार को स्टीफन मरांडी समेत कांग्रेस के विधायक दिल्ली से लौटे। मरांडी ने माना कि मामला सुलझाने के सिलसिले में दिल्ली में शीर्ष स्तर पर अब तक कोई बैठक या साझा बात नहीं हुई है। कांग्रेस के साथ ही राजद तथा झामुमो खेमे को भी इसका अहसास है कि लालू प्रसाद की भूमिका ही महत्वपूर्ण होगी। लेकिन बनते- बिगड़ते समीकरणों में संकेत साफ है कि फिलहाल कांग्रेस, राजद चंपई सोरन के नाम पर सहमत नहीं हैं। सहमत नहीं होने का कारण भी लगभग साफ है: झामुमो ने दिल्ली दरबार को विश्वास में लिये बिना चंपई सोरन का नाम तय किया है। हालांकि झामुमो का तर्क है कि नेता झामुमो से ही जब होगा, तो नाम पार्टी में ही तय होगा।ड्ढr कांग्रेसी लौटे, अब राजद नेता जायेंगे दिल्लीड्ढr कांग्रेस के विधायक दिल्ली से लौटने लगे हैं। अब राजद की बारी है। राजद नेताओं की नजर 18 जनवरी पर है। इसी तारीख को लालू लौटने वाले हैं। राजद नेता बेचैन हैं। राष्ट्रपति शासन और चुनाव की कल्पना भी राजद नेताओं को डराती है। लालू के जापान से लौटते ही प्रदेश राजद के नेता दिल्ली पहुंचेंगे। राजद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा 17 जनवरी को दिल्ली जायेंगे। राणा के मुताबिक पार्टी के विधायक- सासंद भी दिल्ली जायेंगे। उनकी गिरिनाथ सिंह से भी इस सिलसिले में बात हुई है। रशुक्रवार को राणा ने शिबू सोरन से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि गतिरोध दूर करने के लिए झामुमो को आगे बढ़ना चाहिए। राजद विधायक दल की नेता अन्नपूर्णा देवी का कहना है कि अब जो कुछ होगा, 18 के बाद ही। दिल्ली में अब तक शीर्ष स्तर पर कोई पहल नहीं हुई है।ड्ढr

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