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उदास चेहरों पर बिखरी ‘पिंकी’ जसी मुस्कान

बनारस की पिंकी की मुस्कुराहट ने फिल्म ‘स्माइल पिंकी’ को ऑस्कर अवार्ड दिला दिया है। लेकिन पिंकी की ही तरह मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी 87 लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट लौट आई है। ये लोग कभी अपने कटे-फटे होठों के कारण उदास हुआ करते थे। यह संभव हुआ है लाइफ लाइन एक्सप्रेस के जरिए। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कटे-फटे होठों को शल्य क्रिया के जरिए सामान्य बनाने हेतु लाइफ लाइन एक्सप्रेस नामक एक ट्रेन निकाली है। इस ट्रेन में ऑपरेशन की तमाम सुविधाएं उपलब्ध है। आधुनिक उपकरण चिकित्सकों के काम को आसान बना रहे हैं। पिछले नौ दिनों के दौरान इस एक्सप्रेस ने जबलपुर के 87 लोगों का जीवन बदल दिया है। कटे-फटे होठ को लोग भगवान का श्राप और अपशकुन माना करते थे। ऐसे लोगों के माता पिता को बुरे आचरण वाला बताने तक में लोग नहीं हिचकते थे। लेकिन लाइफ लाइन एक्सप्रेस ने सभी धारणाआें को झुठलाकर रख दिया है। जेवा उन्हीं लड़कियों में से है, जिसकी इस एक्सप्रेस ने जिंदगी बदल दी है। जेवा के चेहरे पर मुस्कुराहट लौट आई है। उसकी मां शकीला अब बेटी के भविष्य से चिंता मुक्त हो गई लगती है। उदास चेहरों को मुस्कुराहट में बदलने वाले लाइफ लाइन एक्सप्रेस में चिकित्सक डॉ़ वी़ क़े रैना कहते हैं कि गरीबों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जिस भी व्यक्ित का ऑपरेशन होता है वह सात दिन में ही सामान्य नजर आने लगता है। मगर उसे पूरी तरह सामान्य होने में छह माह तक का वक्त लग जाता है। यहां आने वाले मरीजों का सिर्फ ऑपरेशन ही मुफ्त में नहीं हो रहा है, बल्कि उनके आने-जाने का मार्ग व्यय भी केन्द्र सरकार की ओर से वहन किया जा रहा है।

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