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5 दिन गांवों में जमेंगे ‘सरकार’

पहली बार बिहार में पांच दिनों तक गांवों में जमेगी सरकार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को गांवों की विकास यात्रा शुरू करंगे। इसका मकसद ‘आपकी सरकार-आपके साथ’ का अहसास दिलाते हुए लोगों से विकास योजनाओं का फीडबैक लेना है। यात्रा के पहले ही पड़ाव में वह गोपालगंज-बेतिया के लोगों को गंडक नदी पर 317 करोड़ रुपये लागत से बनने वाले मेगा पुल का तोहफा देंगे। ग्रामीणों की समस्याओं के ऑन द स्पॉट निपटारे के लिए कई विभागों के सचिव भी पूरी यात्रा में उनके साथ रहेंगे।ड्ढr ड्ढr रात्रि विश्राम के लिए पश्चिम चम्पारण के पतिलार और कटैया, मोतिहारी के हरसिद्धी और बलुआकोठी के साथ ही सीतामढ़ी के बखरी में दस-दस एकड़ जमीन की घेराबंदी करके स्विस कॉटेज लगाये गये हैं। स्विस कॉटेज बक्सर सेंट्रल जेल में बने हैं। मुख्यमंत्री जिस गांव में रात्रि विश्राम करंगे, सुबह वहीं पर जनता दरबार लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का निपटारा किया जायेगा। श्री कुमार सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद राज्यपाल आर एल भाटिया से मिलने राजभवन जाएंगे और उन्हें अपनी विकास यात्रा के बार में विस्तार से जानकारी देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री पटना से हेलीकॉप्टर द्वारा सीधे गोपालगंज पहुंचेंगे। वहां सभा को संबोधित करने के बाद श्री कुमार पश्चिम चम्पारण में बगहा होते हुए पतिलार गांव पहुंचकर वहां रात्रि विश्राम करंगे। आठ चरणों वाली विकास यात्रा का दूसरा चरण 2 फरवरी को शुरू होगा।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री की यात्रा के मद्देनजर इन क्षेत्रों में पिछले चौबीस घंटे से बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम के दौरान स्वयं चापाकल से पानी लेंगे और लोटा का इस्तेमाल करंगे। हां, खाना बनाने वाले सचिवालय कैंटीन के रसोइया होंगे और वह श्री कुमार के लिए शाकाहारी भोजन तैयार करंगे।

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